शुभम रेवाड़ का हाल जानने एसएमएस अस्पताल पहुंचे गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली

शुभम रेवाड़ का हाल जानने एसएमएस अस्पताल पहुंचे गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली

राजस्थान की राजधानी जयपुर से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक खबर सामने आ रही है, जहां कांग्रेस पार्टी के दिग्गजों ने अस्पताल पहुंचकर बड़ा सियासी संदेश दिया है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली अचानक एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital) पहुंचे और वहां उपचाराधीन युवा नेता शुभम रेवाड़ से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान नेताओं ने शुभम रेवाड़ के स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों से उनके इलाज के बारे में विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए दोनों वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने प्रदेश की भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला और दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि सरकार को युवाओं की जायज मांगों पर बिना किसी देरी के सकारात्मक और ठोस निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।

एसएमएस अस्पताल में गरमाई सियासत, डोटासरा और जूली ने सरकार को घेरा

राजस्थान की राजनीति में इन दिनों युवाओं के मुद्दे और प्रदर्शन लगातार तूल पकड़ते जा रहे हैं, और इसी कड़ी में शुभम रेवाड़ से मिलने पहुंचे दिग्गजों ने इस मामले को और हवा दे दी है। गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतांत्रिक देश में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ शुभम रेवाड़ और प्रदेश के तमाम पीड़ित युवाओं के साथ खड़ी है। अस्पताल परिसर में नेताओं के पहुंचने से अचानक राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई और बड़ी संख्या में समर्थक व छात्र भी वहां एकत्रित हो गए।

'जायज मांगों को अनसुना कर रही है सरकार', युवाओं में बढ़ रहा है भारी आक्रोश

कांग्रेस नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रदेश का युवा आज बेरोजगारी और प्रशासनिक अनियमिताओं के कारण सड़कों पर उतरने को मजबूर है, लेकिन मौजूदा सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उदासीनता दिखा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेगी। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात और तीखे राजनीतिक बयानों के बाद से राजस्थान की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है, और प्रशासन तथा सरकार पर भी दबाव काफी बढ़ गया है।

 

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