राजस्थान में पुलिस का बड़ा एक्शन! 25 हजार का इनामी मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला हथियारों के साथ दबोचा

राजस्थान में पुलिस का बड़ा एक्शन! 25 हजार का इनामी मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला हथियारों के साथ दबोचा

राजस्थान में अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शातिर बदमाश के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इस हार्डकोर अपराधी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह बदमाश इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल, घेराबंदी कर दबोचा

स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस की स्पेशल इनपुट टीम को मुखबिर से इस बात की पुख्ता जानकारी मिली थी कि इनामी बदमाश अनिल उर्फ लीला अवैध हथियारों की खेप के साथ इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही थाना अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष कमांडो टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध ठिकाने पर अचानक दबिश दी। पुलिस को देखकर हिस्ट्रीशीटर ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया और उसकी एक न चलने दी।

तलाशी में मिली देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस, खंगाला जा रहा है क्रिमिनल रिकॉर्ड

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने अनिल उर्फ लीला की गहनता से तलाशी ली, तो उसके पास से एक अवैध देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने हथियारों को तुरंत जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़ा गया बदमाश अनिल एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट, डकैती और अवैध हथियार तस्करी जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे इस अपराधी पर पुलिस मुख्यालय ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

गैंग के नेटवर्क और मददगारों का पर्दाफाश करेगी पुलिस

हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला की इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान राज्य में सक्रिय अन्य बड़े गैंगस्टरों, हथियारों के सप्लायरों और उसे फरारी काटने में मदद करने वाले स्थानीय सफेदपोश मददगारों के नामों का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराधियों के बारे में बिना डरे पुलिस को सूचित करें, उनका नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

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