RGHS में 'एक मरीज, कई बार भर्ती': फर्जी क्लेम का हुआ बड़ा खुलासा, अब सरकार ने उठाया ये सख्त कदम

RGHS में 'एक मरीज, कई बार भर्ती': फर्जी क्लेम का हुआ बड़ा खुलासा, अब सरकार ने उठाया ये सख्त कदम

राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में एक बड़े घोटाले की परतें खुल गई हैं। हाल ही में सामने आई अनियमितताओं में एक ही मरीज को बार-बार अस्पताल में भर्ती दिखाकर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये का भुगतान उठाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है। सरकार ने अब उन निजी अस्पतालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो मरीजों के नाम पर फर्जी क्लेम उठाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग कर रहे थे।

क्या है RGHS में करोड़ों के फर्जी क्लेम का खेल?

जांच में यह बात सामने आई कि कई निजी अस्पताल RGHS के तहत आने वाले मरीजों की बीमारी को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते थे या फिर एक ही मरीज को एक ही बीमारी के लिए बार-बार भर्ती दिखाया जाता था। इन अस्पतालों का लक्ष्य केवल सरकारी क्लेम की राशि को हड़पना था। इस प्रक्रिया में मरीज को तो इलाज का नाम मात्र लाभ मिलता था, लेकिन कागजों में भारी-भरकम बिल बनाकर सरकार को चूना लगाया जा रहा था। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने जब डेटा का विश्लेषण किया, तो इस संगठित घोटाले का पता चला, जिसमें करोड़ों रुपये की हेराफेरी का अंदेशा जताया जा रहा है।

सरकार का बड़ा एक्शन: ऑडिट के बाद अब होगी रिकवरी

इस फर्जीवाड़े के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार, अब राज्य भर के उन सभी अस्पतालों की विशेष ऑडिट की जा रही है, जिनके क्लेम संदिग्ध पाए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि दोषी अस्पतालों को न केवल काली सूची (Blacklist) में डाला जाएगा, बल्कि उनसे वसूली (Recovery) भी की जाएगी। इसके अलावा, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए RGHS पोर्टल पर क्लेम की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल वेरिफिकेशन के दायरे में लाया जा रहा है, ताकि कोई भी अस्पताल मरीजों की जान या उनके कार्ड का दुरुपयोग न कर सके।

सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए क्यों जरूरी है यह सख्ती?

RGHS का मुख्य उद्देश्य राज्य के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराना है। इस तरह के घोटालों से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है, बल्कि उन वास्तविक मरीजों का हक भी मारा जा रहा है जिन्हें समय पर इलाज की जरूरत है। सरकार की इस कार्रवाई का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार करना है ताकि ईमानदार अस्पतालों को परेशानी न हो और भ्रष्ट तत्वों पर लगाम लगाई जा सके। प्रशासन ने लाभार्थियों से भी अपील की है कि अगर उन्हें अपने नाम से अस्पताल में फर्जी भर्ती होने का संदेह हो, तो वे इसकी सूचना तुरंत संबंधित पोर्टल पर दें।

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