Punjab Forecast : उत्तर भारत में कुदरत का कहर और पंजाब में 60kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी, IMD ने जारी किया अलर्ट

Punjab Forecast : उत्तर भारत में कुदरत का कहर और पंजाब में 60kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी, IMD ने जारी किया अलर्ट

भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का सामना कर रहे लोगों के लिए मौसम विभाग (IMD) ने एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में मौसम तेजी से करवट लेने वाला है। विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर इन राज्यों में तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव एक नए सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण होने जा रहा है, जो तपते उत्तर भारत को बड़ी राहत दे सकता है, लेकिन साथ ही तबाही की चेतावनी भी दे रहा है।

60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR और पंजाब के कई जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी करते हुए आगाह किया है कि धूल भरी आंधी के दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज हवाएं पेड़ गिरने, बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचाने और यातायात में बाधा डालने के लिए काफी हैं। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी के दौरान वे पक्के मकानों में शरण लें और पेड़ों या होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें।

पंजाब में बारिश का सिलसिला, तापमान में आएगी गिरावट पंजाब के लिए जारी बुलेटिन में कहा गया है कि अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर समेत कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से पंजाब के कई शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ था, लेकिन इस बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे आंधी-बारिश की स्थिति को देखते हुए अपनी कटी हुई फसल या मंडियों में रखे अनाज की सुरक्षा का इंतजाम कर लें।

दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी और बिजली की कड़क राजधानी दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में शुक्रवार शाम से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है। धूल भरी आंधी के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने की आशंका है, जिससे सड़क यातायात और विमान सेवाओं पर असर पड़ सकता है। IMD के अनुसार, बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है, इसलिए खुले मैदानों में जाने से बचने की हिदायत दी गई है। यह प्री-मानसून गतिविधि इस सीजन की सबसे तेज हलचल हो सकती है।

क्या है आगे का पूर्वानुमान?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। आंधी-बारिश का यह दौर दो से तीन दिनों तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है, जिसके बाद एक बार फिर आसमान साफ होगा और तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी। हालांकि, इस बीच होने वाली बारिश से दिल्ली-NCR के प्रदूषण स्तर और गर्मी की मार झेल रहे लोगों को काफी हद तक सुकून मिलने की उम्मीद है।

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