कुत्तों के 'खूनी आतंक' से सहमा पब्बियां! खेत में पूर्व सरपंच को नोचकर मार डाला, 15 दिन में दूसरी मौत ने जगाया गुस्सा

कुत्तों के 'खूनी आतंक' से सहमा पब्बियां! खेत में पूर्व सरपंच को नोचकर मार डाला, 15 दिन में दूसरी मौत ने जगाया गुस्सा

पंजाब के पब्बियां इलाके में आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि अब लोगों का अपने घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक पूर्व सरपंच को उनके ही खेत में कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और बेरहमी से नोच-नोच कर उनकी जान ले ली। हैरत की बात यह है कि कुत्तों ने उनके शरीर के अंगों, विशेषकर बाजू और टांग को बुरी तरह खा लिया। पब्बियां में पिछले महज 15 दिनों के भीतर यह दूसरी मौत है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खेत में काम करते समय हुआ 'मौत' का सामना

मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच रोजाना की तरह अपने खेत में काम करने गए थे। तभी अचानक आक्रामक कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। बुजुर्ग होने के कारण वे खुद को बचा नहीं पाए और कुत्तों ने उन पर टूट पड़ते हुए शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया। जब काफी देर तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की, जहाँ उनका शव बेहद दयनीय स्थिति में मिला। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में गहरा रोष है और लोग अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

15 दिनों में दो मौतें: क्या पब्बियां में प्रशासन सो रहा है?

पब्बियां इलाके में कुत्तों के हमले का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मात्र दो सप्ताह के भीतर यह दूसरी जान गई है। पहली घटना के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने का नतीजा एक और निर्दोष की मौत के रूप में सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और प्रशासन की लापरवाही के कारण ये आवारा कुत्ते अब आदमखोर होते जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासन पर दबाव

इस खूनी वारदात के बाद गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे। वहीं, प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और डॉग कैचर टीम को मौके पर तैनात किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह महज एक खानापूर्ति होगी या इस खूनी आतंक से लोगों को वाकई आजादी मिलेगी?

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