सूरमा मुहिम का आगाज: नशा छोड़ चुके युवाओं को सीएम भगवंत मान ने पहनाई अंगूठी, रवनीत बिट्टू ने कसा तीखा तंज
पंजाब को नशामुक्त बनाने और मुख्यधारा से भटक चुके युवाओं को वापस लाने के लिए सूबे की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के युवाओं के हौसले को बढ़ाने के लिए 'सूरमा मुहिम' (Surma Muhim) का भव्य आगाज किया है। इस अभियान के तहत उन युवाओं को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे के काले जाल को पूरी तरह से काट फेंका है। हालांकि, इस कल्याणकारी मुहिम की शुरुआत होते ही पंजाब की सियासत में एक नया भूचाल आ गया है। विपक्षी नेताओं, खासकर बीजेपी के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस पहल को लेकर मुख्यमंत्री पर सीधा और तीखा सियासी हमला बोला है।
सीएम भगवंत मान ने युवाओं को बताया असली 'सूरमा', दिया खास तोहफा
'सूरमा मुहिम' के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक बेहद भावुक और अलग अंदाज देखने को मिला। सीएम मान ने नशा छोड़ चुके दर्जनों युवाओं से न केवल मुलाकात की, बल्कि उनके संघर्ष की दास्तां सुनकर उनकी पीठ थपथपाई। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं को समाज का असली 'सूरमा' (योद्धा) बताते हुए अपने हाथों से उन्हें एक खास अंगूठी पहनाई। भगवंत मान ने कहा कि नशा छोड़ना किसी जंग जीतने से कम नहीं है और ये युवा अब पंजाब के दूसरे भटके हुए युवाओं के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार इन युवाओं को रोजगार और समाज में सम्मान दिलाने के लिए हर संभव वित्तीय और सामाजिक मदद मुहैया कराएगी।
रवनीत बिट्टू का पलटवार, सरकार की नीति और नीयत पर उठाए गंभीर सवाल
इस भावुक मुहिम पर पंजाब की राजनीति तब गरमा गई जब केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस आयोजन को महज एक 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दे दिया। बिट्टू ने सीएम भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ अंगूठी पहनाने या स्टेज पर फोटो खिंचवाने से पंजाब से नशा खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार जमीन पर नशा तस्करों (Drug Smugglers) को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और अब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे आयोजनों का सहारा ले रही है। बिट्टू के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में 'आप' और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
पंजाब में नशामुक्ति की जमीनी हकीकत और 'सूरमा' अभियान का भविष्य
भौगोलिक और रणनीतिक रूप से सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब लंबे समय से सीमा पार से होने वाली ड्रग्स तस्करी की समस्या से जूझ रहा है। स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस लगातार नशामुक्ति केंद्रों (De-addiction Centers) के जरिए युवाओं को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। 'सूरमा मुहिम' का मुख्य उद्देश्य समाज में नशा छोड़ चुके लोगों के प्रति नजरिए को बदलना है ताकि उन्हें हीन भावना का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि विपक्ष के भारी विरोध और तीखे बयानों के बीच भगवंत मान सरकार की यह 'अंगूठी वाली राजनीति' पंजाब के युवाओं को कितनी नई दिशा दे पाती है और आगामी चुनावों में इसका क्या असर पड़ता है।