पंजाब में आसमान से बरसी आग! 45.7 डिग्री पारे के साथ दिन में दिखे तारे, बिजली संकट के बीच मानसून पर बड़ा अपडेट

पंजाब में आसमान से बरसी आग! 45.7 डिग्री पारे के साथ दिन में दिखे तारे, बिजली संकट के बीच मानसून पर बड़ा अपडेट

पंजाब में गर्मी और लू (हीटवेव) के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। सूबे के कई जिलों में पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से लोगों को दोपहर के वक्त घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। इस जानलेवा तपिश और उमस के कारण राज्य में बिजली की मांग ने इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में खेतों की सिंचाई और घरों में चल रहे एसी-कूलर के कारण पावर ग्रिड पर भारी दबाव है। इसी बीच मौसम विभाग की तरफ से आया मानसून का नया अनुमान भी लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है, जिससे राहत की उम्मीदें फिलहाल दूर नजर आ रही हैं।

रिकॉर्ड तोड़ पारे से तपा पंजाब, लू के थपेड़ों से जनजीवन ठप

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पंजाब के बठिंडा, पटियाला, लुधियाना और अमृतसर समेत अधिकांश हिस्से इस वक्त भट्टी की तरह तप रहे हैं। अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री ऊपर चल रहा है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं शरीर को झुलसा रही हैं, जिसके कारण सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों ने इस भीषण लू को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।

बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पावर कॉरपोरेशन के फूले हाथ-पांव

इस ऐतिहासिक गर्मी का सीधा असर पंजाब के पावर सेक्टर पर पड़ा है। पंजाब राज्य पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में बिजली की दैनिक मांग अपने उच्चतम स्तर को पार कर चुकी है। धान की बुवाई का सीजन होने के कारण ग्रामीण अंचलों में कृषि फीडरों को लगातार बिजली देनी पड़ रही है, वहीं शहरी इलाकों में भी लोड बढ़ने से कई सब-स्टेशनों में तकनीकी खामियां आ रही हैं। अघोषित बिजली कटौती (पावर कट) ने इस उमस भरी गर्मी में स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है।

मानसून का इंतजार बढ़ा, कब मिलेगी इस चिलचिलाती गर्मी से राहत

पंजाब वासियों के लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली खबर मौसम विभाग के पूर्वानुमान से आ रही है। पहले जहां जून के आखिरी हफ्ते में प्री-मानसून की फुहारों की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं की सुस्त रफ्तार के कारण यह इंतजार और लंबा हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पंजाब और आसपास के मैदानी इलाकों को इसी तरह शुष्क और गर्म मौसम का सामना करना पड़ेगा। उमस का ग्राफ बढ़ने से आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा परेशान कर सकती है।

Latest Posts