चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक को मंच पर बुलाना पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को पड़ा भारी, तस्करी का आरोपी निकलते ही 'आप' ने घेरा
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक बार फिर से गंभीर राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गए हैं, जिससे राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। ताजा मामला एक सार्वजनिक मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी एक समर्थक को आमंत्रित करने से जुड़ा है, जो कथित तौर पर तस्करी के मामले में आरोपी बताया जा रहा है। जैसे ही यह बात सामने आई कि मंच पर सम्मानित किया जाने वाला या बुलाया जाने वाला शख्स आपराधिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है और तस्करी के गंभीर आरोपों में घिरा हुआ है, विरोधी दलों को बैठे-बिठाए बड़ा हथियार मिल गया। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है और राजा वड़िंग तथा कांग्रेस पार्टी की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े करते हुए जोरदार घेराबंदी शुरू कर दी है।
विवादों से पुराना नाता, मंच पर आरोपी को बुलाते ही गरमाई पंजाब की सियासत
कांग्रेस पार्टी के भीतर और बाहर अपने बयानों व फैसलों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले राजा वड़िंग के लिए यह नया विवाद गले की फांस बनता जा रहा है। राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान मंच साझा करने और स्थानीय नेताओं को तवज्जो देने के चक्कर में कांग्रेस नेतृत्व से यह बड़ी चूक हो गई, जिससे विपक्षी दलों को कांग्रेस को घेरने का पूरा मौका मिल गया है। 'आप' नेताओं का कहना है कि जो पार्टी खुद को कानून और व्यवस्था की हिमायती बताती है, वही अपने मंच से दागदार और तस्करी के आरोपियों को बढ़ावा दे रही है। इस खुलासे के बाद से पंजाब के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस के भीतर जमीनी स्तर पर नेताओं की पृष्ठभूमि की जांच किए बिना ही उन्हें किस तरह मंच और पद बांटे जा रहे हैं।
'आप' का कड़ा प्रहार, पूछा- क्या यही है कांग्रेस का असली चाल और चरित्र?
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रवक्ताओं और नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी पर नैतिक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। 'आप' ने कहा कि जनता के बीच जाकर ईमानदारी और न्याय की बात करने वाले कांग्रेसी नेता खुद अपराधियों और तस्करों को मंचों पर शरण दे रहे हैं, जो प्रदेश की जनता के साथ सीधा धोखा है। इस तीखे हमले के बाद से कांग्रेस की फजीहत लगातार बढ़ती जा रही है और पार्टी के भीतर भी अंदरखाने इस चूक को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। हालांकि, इस पूरे विवाद पर राजा वड़िंग और कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक खेमे की तरफ से क्या सफाई आती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, लेकिन तब तक यह मुद्दा सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय चर्चाओं का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।