पंजाब चुनाव से पहले बड़ा सियासी धमाका: 'वारिस पंजाब दे' ने इन पांच सीटों पर उतारे उम्मीदवार, दो नेता अभी भी हैं जेल में बंद

पंजाब चुनाव से पहले बड़ा सियासी धमाका: 'वारिस पंजाब दे' ने इन पांच सीटों पर उतारे उम्मीदवार, दो नेता अभी भी हैं जेल में बंद

पंजाब की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो गई है। राज्य में राजनीतिक दलों और नए संगठनों द्वारा अपनी चुनावी जमीन मजबूत करने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के संगठन से जुड़े राजनीतिक दल 'अकाली दल (वारिस पंजाब दे)' ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर अपने प्रत्याशियों की घोषणा करनी शुरू कर दी है। पार्टी की तरफ से हाल ही में पांच और सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है, जिसमें सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से दो उम्मीदवार वर्तमान में सलाखों के पीछे यानी जेल में बंद हैं। इस बड़े ऐलान के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार पूरी तरह गर्म हो गया है।

किन पांच विधानसभा सीटों पर हुई उम्मीदवारों की घोषणा?

पार्टी के संसदीय बोर्ड और वरिष्ठ नेताओं द्वारा चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन पांचों प्रत्याशियों के नामों का एलान किया गया। घोषित की गई सूचियों के मुताबिक, दलजीत सिंह कलसी (Daljit Singh Kalsi) को अजनाला विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि गुरमीत सिंह बुक्कणवाला (Gurmeet Singh Bukanwala) को मोगा निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया गया है। इसके अलावा लुधियाना की गिल (Gill) सीट से दर्शन सिंह शिवालिक, कपूरथला से जगजीत सिंह उर्फ बाबा जगगा और कोटकपूरा सीट से अच्छपाल सिंह सोसन को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया गया है। इन चेहरों के सामने आने से क्षेत्रीय राजनीति के समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।

दो उम्मीदवार अभी भी जेल में, लेकिन तय की गई चुनाव लड़ने की रणनीति

इस पूरी सूची में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि जिन दो नेताओं—दलजीत सिंह कलसी और गुरमीत सिंह बुक्कणवाला—को टिकट दिया गया है, वे दोनों अभी जेल में बंद हैं। हालांकि उनके ऊपर से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की कुछ धाराओं को हटाया जा चुका है, फिर भी वे अन्य मामलों के तहत अभी जेल के अंदर ही हैं। पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि जेल में बंद होने के बावजूद ये उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। इसके लिए पार्टी ने स्थानीय स्तर पर विशेष कमेटियों का गठन कर दिया है जो उनके परिवारों और समर्थकों के साथ मिलकर गांवों और कस्बों में धुआंधार प्रचार अभियान का संचालन करेंगी।

पंथक मुद्दों और बदलाव के एजेंडे के साथ उतरेगी पार्टी

पार्टी के नेताओं का दावा है कि 'वारिस पंजाब दे' का यह राजनीतिक विंग राज्य के पंथक हितों, युवाओं के अधिकारों और पंजाब को नशमुक्त बनाने के मुद्दों को मुख्य रूप से जनता के सामने रखेगा। उनका यह भी कहना है कि अन्य स्थापित दलों से अलग हटकर उनकी पार्टी जमीनी स्तर पर जनता की आवाज उठाने का काम कर रही है। इससे पहले पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे के बेटे सतवंत सिंह को भी बस्सी पठाना सीट से अपना पहला उम्मीदवार घोषित कर पहले ही सनसनी फैला दी थी। इन तमाम फैसलों से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में पंजाब का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प, ध्रुवीकृत और तीखा होने वाला है।

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