उरी, पुलवामा, पहलगाम भूले नहीं हम', राम माधव का बड़ा बयान, पाक से बातचीत पर रखी आर-पार की शर्त
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है। एक महत्वपूर्ण बयान में उन्होंने कहा कि भारत उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे जख्मों को भूला नहीं है। पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत की संभावनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और देश की सुरक्षा नीति का हवाला दिया। राम माधव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से आतंकवाद को लेकर भारत की नीति पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक और स्पष्ट है।
बातचीत से पहले आतंकवाद पर लगाम जरूरी
राम माधव ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी सरजमीं से संचालित आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक किसी भी तरह की शांति वार्ता का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के नागरिक उन आतंकी हमलों को नहीं भूले हैं जिन्होंने देश को गहरे घाव दिए हैं। सरकार का यह रुख जगजाहिर है कि 'बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते'। उन्होंने कहा कि भारत अब किसी भी दबाव में आकर वार्ता के लिए मजबूर नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा ही हमारी पहली प्राथमिकता है।
'ऑपरेशन सिंदूर' और सुरक्षा का संकल्प
राम माधव ने अपने संबोधन में 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए देश के सुरक्षा बलों के शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत अब एक ऐसा राष्ट्र है जो अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने में सक्षम है। चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर आतंकवाद के खिलाफ कूटनीतिक दबाव, भारत ने अपनी ताकत का लोहा पूरी दुनिया को मनवाया है। उन्होंने विपक्षी दलों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर कुछ भी नहीं है। यह स्पष्ट संदेश पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी है कि भारत अब पुरानी भूलों को दोहराने के मूड में नहीं है।