ठाणे का दहला देने वाला हत्याकांड: 18 महीने की मासूम को चाकू से गोदा, कोर्ट ने मां को सुनाई उम्रकैद

ठाणे का दहला देने वाला हत्याकांड: 18 महीने की मासूम को चाकू से गोदा, कोर्ट ने मां को सुनाई उम्रकैद

ठाणे की एक सत्र अदालत ने एक बेहद संवेदनशील और हृदयविदारक मामले में अपना फैसला सुनाते हुए 18 महीने की मासूम बच्ची की हत्यारी मां को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मुंब्रा इलाके में घटी इस खौफनाक घटना ने पूरे समाज को स्तब्ध कर दिया था। कोर्ट ने न केवल मां को दोषी ठहराया, बल्कि अपराध छिपाने और बच्ची के शव को जल्दबाजी में दफन कर सबूत मिटाने के लिए पिता को भी चार साल की जेल की सजा सुनाई है।

बेटियों की गवाही बनी इंसाफ की नींव

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू दंपती की अन्य दो नाबालिग बेटियों की गवाही रही। मासूम बेटियों ने कोर्ट के सामने वह मंजर बयां किया, जिसे देख हर किसी की रूह कांप गई। उन्होंने अपनी मां को रसोई के चाकू से अपनी ही छोटी बहन पर वार करते देखा था। सत्र न्यायाधीश आरडी. सावंत ने नाबालिगों के बयानों को पूरी तरह भरोसेमंद मानते हुए कहा कि बच्चों की गवाही किसी अपराधी को दोषी ठहराने के लिए एक मजबूत आधार हो सकती है। कोर्ट ने बचाव पक्ष की उस दलील को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि बच्ची की मौत 'एपिडर्मोलिसिस बुलोसा' जैसी दुर्लभ बीमारी से हुई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले हत्या के राज

मार्च 2024 में हुई इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को किसी ने तस्वीरों के साथ गुमनाम शिकायत भेजी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची के शव को कब्र से बाहर निकलवाया (Exhumation) और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया। डॉक्टर की रिपोर्ट ने झूठ के सारे पर्दे गिरा दिए। पोस्टमार्टम में बच्ची के सिर और गर्दन पर 14 गहरे घाव मिले, जो साफ तौर पर किसी धारदार हथियार से किए गए थे। अदालत ने आरोपी नूरानी खातून जाहिद शेख को हत्या का दोषी पाया, जबकि पिता जाहिद सलामत शेख को साक्ष्यों को नष्ट करने का अपराधी मानते हुए सजा सुनाई। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो घरेलू हिंसा और अपराध को चारदीवारी के पीछे छिपाने की कोशिश करते हैं।

 

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