देश भर में भड़का छात्र आक्रोश: जंतर-मंतर पर पुलिस-छात्रों के बीच झड़प, 'बिहार बंद' के दौरान कई शहरों में पथराव
नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधारों की मांग को लेकर देश भर में छात्रों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच चुका है। शनिवार (25 जुलाई 2026) को राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार, यूपी, उत्तराखंड और केरल तक छात्र संगठनों ने बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर हो रहे इन प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प, लाठीचार्ज और पथराव की घटनाएं सामने आई हैं।
1. दिल्ली (जंतर-मंतर): फिर बढ़ा तनाव, लाठीचार्ज और पथराव
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया:
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पुलिस संग झड़प: प्रदर्शनकारी छात्र संसद मार्ग की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान बैरिकेड तोड़ने को लेकर छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई।
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लाठीचार्ज और वाटर कैनन: स्थिति बेकाबू होते देख सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज किया।
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पथराव की खबरें: भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने के बाद जंतर-मंतर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके जवाब में पुलिस ने कई छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
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हाई-टेक निगरानी: दिल्ली पुलिस ने पूरे जंतर-मंतर क्षेत्र को हाई-टेक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों, मोबाइल सर्विलांस वैन और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के कड़े घेरे में ले लिया है।
2. बिहार में 'बिहार बंद' का व्यापक असर: कई शहरों में हिंसक झड़पें
दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के विरोध में वामपंथी छात्र संगठन आईसा (AISA) और अन्य छात्र मोर्चों द्वारा शनिवार को 'बिहार बंद' का आह्वान किया गया था, जिसका राज्य के कई जिलों में व्यापक और हिंसक असर देखा जा रहा है:
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सड़कों और रेल मार्गों पर जाम: पटना, बेगुसराय, कटिहार, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में छात्रों ने सुबह से ही मुख्य सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) और रेलवे पटरियों पर उतरकर आवाजाही ठप कर दी।
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पथराव और झड़प: कटिहार और बेगुसराय में प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़पें हुईं, जहां पुलिस पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले और लाठियां भांजनी पड़ीं।
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पटना में भारी बल तैनाती: राजधानी पटना में डाकबंगला चौराहा और अशोक राजपथ के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने कई स्थानों से प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिया है।
छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगे क्या हैं?
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शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: छात्र संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
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NTA का पुनर्गठन: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने और पेपर लीक रोधी कड़े कानून लागू करने की मांग की जा रही है।
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मुआवजे और मुकदमों की वापसी: आंदोलन के दौरान पीड़ित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज पुलिस केसों को वापस लेने की मांग उठाई जा रही है।
देश भर के विभिन्न राज्यों (केरल, महाराष्ट्र, यूपी और राजस्थान) में भी छात्र संगठनों का समर्थन बढ़ता जा रहा है, जिससे केंद्र सरकार और प्रशासन पर दबाव बेहद बढ़ गया है।