SC Mangalsutra Incident: सुप्रीम कोर्ट में महिला द्वारा मंगलसूत्र उतारने पर CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान, कहा- 'संस्थानों का सम्मान...'

SC Mangalsutra Incident: सुप्रीम कोर्ट में महिला द्वारा मंगलसूत्र उतारने पर CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान, कहा- 'संस्थानों का सम्मान...'

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (13 जुलाई 2026) को एक बेहद हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया, जिसने कोर्टरूम में मौजूद सभी लोगों को दंग कर दिया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुआई वाली पीठ के सामने एक महिला अपने मामले की जल्द सुनवाई की गुहार लगाते हुए अपना मंगलसूत्र उतारने लगी। अब इस पूरी संवेदनशील घटना पर मंगलवार (14 जुलाई 2026) को सीजेआई सूर्यकांत की बेहद अहम और गंभीर प्रतिक्रिया सामने आई है।

सीजेआई सूर्यकांत की प्रतिक्रिया: 'हर व्यक्ति का सम्मान, लेकिन आचरण की भी सीमा'

इस अप्रत्याशित घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "अगर कोई महिला अपनी तकलीफ और दर्द बयां करती है, तो उसकी बात को ध्यान से सुनना हमारी जिम्मेदारी है। कोई भी व्यक्ति जब अपनी शिकायत लेकर देश की शीर्ष अदालत आता है, तो निश्चित रूप से उसकी बात सुनी जानी चाहिए।"

इसके साथ ही उन्होंने मर्यादा का पाठ पढ़ाते हुए आगे कहा, "अदालत की अपनी एक गरिमा होती है। हम हर व्यक्ति का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन हमारे सभी संवैधानिक संस्थानों का सम्मान करना हम सभी का परम कर्तव्य है। किसी को भी अपने आचरण से मिले मौके का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।"

जानिए कोर्टरूम में सोमवार को आखिर क्या हुआ था?

दरअसल, सोमवार को सीजेआई की पीठ नियमित मामलों की सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान कोर्टरूम में मौजूद एक महिला अचानक खड़ी हो गई और सीजेआई के सामने जोर-जोर से गुहार लगाने लगी। महिला ने दावा किया कि वह विशेष रूप से हैदराबाद से दिल्ली आई है और उसके केस पर तुरंत सुनवाई की जाए। अपनी बात पर जोर देने के लिए उसने सबके सामने अपना मंगलसूत्र निकालना शुरू कर दिया, जिससे वहां मौजूद वकील और सुरक्षाकर्मी भी हक्के-बक्के रह गए।

कोर्ट ने दिया आश्वासन: अगले सोमवार को होगी सुनवाई

महिला की गुहार पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने उसे आश्वस्त किया कि उसके मामले की सुनवाई अगले सोमवार को की जाएगी। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि इस केस की प्रकृति को देखते हुए एक स्पेशल बेंच (विशेष पीठ) इसका संज्ञान लेगी, जिसकी तारीख पहले से तय है।

सीजेआई की अपील: दिल्ली आने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन जुड़ें

चीफ जस्टिस ने महिला को राहत देते हुए सलाह दी कि उसे अगली सुनवाई के लिए दोबारा परेशान होकर हैदराबाद से दिल्ली आने की कोई जरूरत नहीं है। वह घर बैठे ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यानी ऑनलाइन माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हो सकती है। हालांकि, महिला ने कोर्टरूम में ही अपना पक्ष खुद रखने की बात कहते हुए ऑनलाइन जुड़ने से इनकार कर दिया।

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