प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल-प्रियंका का सड़क पर जोरदार धरना, पुलिस पहुंची तो सड़क पर लेटे कांग्रेस नेता, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी पार्टी
देश में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षाओं की शुचिता और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और दर्जनों वरिष्ठ सांसदों के साथ एकाएक प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने के लिए सड़कों पर उतर आए। सुरक्षा बलों द्वारा रास्ते में ही बैरिकेडिंग लगाकर रोके जाने के बाद कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते पूरा प्रदर्शन स्थल नारों और राजनीतिक हलचल से गूंज उठा।
पुलिस जब हिरासत में लेने पहुंची तो सड़क पर लेटे राहुल गांधी
प्रदर्शन के दौरान उस समय बेहद अभूतपूर्व और हाई-ड्रामा स्थिति बन गई जब दिल्ली पुलिस की टीम कांग्रस नेताओं को कानून-व्यवस्था का हवाला देकर हिरासत में लेने और हटाने पहुंची। पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए राहुल गांधी अचानक सड़क पर ही लेट गए। प्रियंका गांधी ने भी मौके पर मोर्चा संभालते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने से भाग रही है और जब विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना चाहता है, तो पुलिस बल के जरिए दमन की नीति अपनाई जा रही है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग पर अड़ी कांग्रेस
कांग्रेस का यह आक्रामक प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्रित है। विपक्ष का साफ तौर पर कहना है कि हाल के दिनों में परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों, पेपर लीक के दावों और प्रशासनिक नाकामियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं की मांग है कि प्रधानमंत्री को इस पूरे मामले पर देश के युवाओं और छात्रों के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
प्रदर्शन से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, राजनीतिक घमासान तेज
कांग्रेस के इस बड़े विरोध प्रदर्शन और घेराव की रणनीति को देखते हुए लुटियंस दिल्ली और पीएम आवास के आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है और भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों तथा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष ने इस प्रदर्शन को राजनीतिक ड्रामा करार दिया है, जिससे आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक यह सियासी घमासान और ज्यादा तेज होने के आसार हैं।