सोनम वांगचुक के अनशन पर पहली बार बोले राहुल गांधी, आधी रात के पुलिस एक्शन पर मोदी सरकार को घेरा
लद्दाख के पर्यावरण और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शनिवार को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत पूरी तरह से असत्य और हिंसा पर टिके हुए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से वांगचुक को हटाए जाने की पुलिसिया कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर करारी चोट बताते हुए स्पष्ट किया कि एक अहिंसक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।
दिल्ली पुलिस का सीक्रेट ऑपरेशन: जैमर, सादे कपड़े और सफेद चादरों के घेरे में ऐसे हटाए गए वांगचुक
सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर एक बेहद सुनियोजित और विशेष रणनीति के तहत ऑपरेशन को अंजाम दिया। दिल्ली उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और डॉक्टरों की आपातकालीन सलाह के बाद शुक्रवार रात करीब १:३० बजे पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को वांगचुक की मेडिकल जांच और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने के सख्त निर्देश मिले। इसके तुरंत बाद नई दिल्ली जिले के आला अधिकारी मंदिर मार्ग थाने में एकत्र हुए और बिना किसी टकराव के वांगचुक को एक मिनट से भी कम समय में वहां से निकालने का विशेष अभ्यास किया गया। सुबह करीब ५ बजे सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने पूरे मंच को बड़ी-बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया और विरोध प्रदर्शनकारियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को रोकने के लिए इलाके में मोबाइल नेटवर्क जैमर तक लगा दिए गए, जिसके बाद वांगचुक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
शिक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी का बड़ा हमला: पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं को बताया राष्ट्रीय संकट
सोनम वांगचुक के मुद्दे के साथ-साथ राहुल गांधी ने देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि लगातार होते प्रश्नपत्र लीक (पेपर लीक), शिक्षा की आसमान छूती लागत और इसके कारण डिप्रेशन में आकर छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े सबसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए किया जाने वाला कोई भी बल प्रयोग देश के युवाओं को उनके हकों की लड़ाई लड़ने से नहीं रोक सकता क्योंकि छात्रों की निर्भीक आवाज ही जीवंत लोकतंत्र की असली पहचान है।
देहरादून रैली का भावुक वीडियो साझा: नीट परीक्षा और रिया की आत्महत्या पर टूटे पिता का दर्द बयां किया
अपने बयानों को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को बिल्कुल नए सिरे से तैयार करने की पुरजोर वकालत की ताकि बच्चों के लिए तनावमुक्त व सुरक्षित माहौल का निर्माण हो सके। उन्होंने देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' रैली का एक बेहद भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने मंच पर रिया कुमारी के पिता राजेश कुमार को आमंत्रित किया था। ज्ञात हो कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में बड़े पैमाने पर लगे पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव के कारण मई में रिया ने आत्महत्या कर ली थी। राहुल ने भावुक होते हुए लिखा कि अपनी बेटी को खोकर राजेश जी इस कदर टूट चुके हैं कि उन्हें देखकर हर आंख नम हो गई; यह सिर्फ एक परिवार का व्यक्तिगत दर्द नहीं है बल्कि देश में पेपर लीक के माफियाओं ने ऐसे कई हंसते-खेलते परिवारों के बच्चों को उनसे हमेशा के लिए छीन लिया है।