बिहार-असम में प्रदर्शनकारी छात्रों की होगी रिहाई और सभी FIR वापस, कपिल सिब्बल ने किया 1 करोड़ के लीगल फंड का ऐलान

बिहार-असम में प्रदर्शनकारी छात्रों की होगी रिहाई और सभी FIR वापस, कपिल सिब्बल ने किया 1 करोड़ के लीगल फंड का ऐलान

देशभर में कोहराम मचाने वाले नीट पेपर लीक विवाद और उसके बाद भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच आंदोलनकारी छात्रों और युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बिहार और असम की सरकारों ने नीट परीक्षा रद्द करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी छात्रों को बिना शर्त रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। हालांकि, इन सबके बीच पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई को लेकर अभी तक कोई भी स्पष्ट या आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है, जिससे वहां के छात्रों और उनके परिवारों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।

आधी रात को हुई अहम बैठक और सरकारी आश्वासन

आधी रात को हुई उच्च स्तरीय बैठकों और वार्ताओं के बाद यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए जानकारी दी कि एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक बाद सरकारी प्रतिनिधियों के साथ उनकी लंबी बैठक हुई, जो करीब दो से तीन घंटे तक चली। इस बैठक में सरकार की ओर से बिहार और असम के आधिकारिक नोटिफिकेशन्स की प्रतियां सौंपी गईं, जिनमें छात्रों पर दर्ज एफआईआर को पूरी तरह से रद्द करने, भविष्य में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल प्रभाव से रिहा करने की पूरी गारंटी दी गई है। इसके साथ ही, अन्य एनडीए शासित राज्यों और केंद्र सरकार की तरफ से भी जल्द ही ऐसे आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया है।

बिहार सरकार का बड़ा कदम और सिवान में पुलिसकर्मी पर एक्शन

छात्र हित में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार के गृह विभाग ने 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज किए गए सभी मामलों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे 25 जुलाई के बिहार बंद के दौरान हिरासत में लिए गए सैकड़ों छात्रों और नाबालिगों को सीधी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि इस आंदोलन के दौरान बिहार के सिवान जिले में उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बिना उच्चाधिकारियों के आदेश के एके-47 जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल करने वाले एक पुलिस सिपाही को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड भी कर दिया गया है।

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल का बड़ा ऐलान और CJP का नया दांव

पुलिसिया और प्रशासनिक कार्रवाई का शिकार हुए देश भर के छात्रों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और राजनेता कपिल सिब्बल ने एक करोड़ रुपये के भारी-भरकम 'लीगल फंड' की घोषणा की है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर इस छात्र आंदोलन की अगुवाई करने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने पुलिस कार्रवाई के सबूत जुटाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन एविडेंस-गैदरिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। CJP ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आश्वासन के बावजूद देश के अन्य हिस्सों में छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो वे एक बार फिर से जोरदार देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करने के लिए बाध्य होंगे।

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