Mumbai Rain Fury: मुंबई में मानसून की पहली बारिश ने ली 3 जानें; पेड़ गिरने, मैनहोल और करंट ने खोली प्री-मानसून दावों की पोल
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली भारी बारिश काल बनकर टूटी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मुंबई और तटीय कोंकण क्षेत्र के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किए जाने के बीच, मायानगरी की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है.
सड़कों पर समंदर जैसे हालात और मीलों लंबे ट्रैफिक जाम से ज्यादा इस वक्त मुंबई महानगरपालिका (BMC) और बिजली विभाग (महावितरण) की उस जानलेवा लापरवाही की चर्चा हो रही है, जिसने महज 24 घंटे के भीतर तीन बेकसूर जिंदगियों को लील लिया. चेंबूर, साकीनाका और मुंब्रा में हुए इन तीन अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने प्रशासन के प्री-मानसून तैयारियों के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं, जिससे महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में भी भूचाल आ गया है.
चेंबूर में स्कूल बस पर गिरा भारी-भरकम पेड़, माता-पिता की इकलौती संतान की मौत
मुंबई के चेंबूर इलाके के रोड नंबर 11 पर एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया. तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते एक पुराना विशालकाय पेड़ अचानक जड़ से उखड़ गया. यह पेड़ सीधे वहां से गुजर रही एक स्कूल बस पर जा गिरा, जो यूनिवर्सल हाई स्कूल और तिलक नगर स्कूल के मासूम बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी. बस दबते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई.
स्थानीय निवासियों और रेस्क्यू टीमों ने तुरंत गैस कटर मशीनों की मदद से बस के मलबे को काटकर बच्चों को बाहर निकाला. हालांकि, इस भयावह हादसे में 11 साल के मासूम बच्चे विहान श्रीवास्तव को बेहद गंभीर चोटें आईं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया. विहान अपने माता-पिता की इकलौती संतान था.
नेताओं के बयान और आक्रोश: इस घटना पर कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए बीएमसी के दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. रोहित पवार ने तीखे शब्दों में कहा कि हर साल होने वाले इन दिखावटी प्री-मॉनसून ट्री-ऑडिट्स (पेड़ों की छंटाई) का क्या फायदा, जब हमारे बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं? सिर्फ छोटे कर्मचारियों को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा, बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरनी चाहिए.
साकीनाका में खुला मैनहोल बना मौत का कुआं, बिना बैरिकेड के छोड़ दिया था क्रू
दूसरा सबसे दर्दनाक हादसा दोपहर करीब 12:26 बजे साकीनाका इलाके में हुआ, जिसे पूरी तरह प्रशासनिक हत्या कहा जा रहा है. यहां बीएमसी के मेंटेनेंस क्रू ने ड्रेनेज की सफाई के लिए सड़क पर बने एक भारी-भरकम मैनहोल का कवर तो हटा दिया, लेकिन काम खत्म होने या बीच में रुकने के दौरान उस खुली जगह पर कोई सेफ्टी बैरिकेड, रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया.
उसी वक्त 60 वर्षीय बुजुर्ग असलम इसाक शेख वहां से पैदल गुजर रहे थे और फोन पर बात कर रहे थे. मूसलाधार बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा था और उन्हें खुले मैनहोल का बिल्कुल अंदाजा नहीं हुआ. वे सीधे उस गहरे गड्ढे में जा गिरे और ड्रेनेज के तेज बहाव में लापता हो गए. करीब तीन घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दमकल विभाग ने उनकी लाश बरामद की.
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कार्रवाई की मांग: कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने इस घोर लापरवाही पर बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज करने और संबंधित वार्ड ऑफिसर को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है.
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मुआवजे का ऐलान: विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए सदन में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. वहीं, मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने इसे प्रशासन की गंभीर भूल स्वीकार करते हुए पीड़ित परिवार को ₹10 लाख के मुआवजे का एलान किया है.
मुंब्रा में जलभराव के बीच उतरा मौत का करंट, 17 साल की लड़की ने गंवाई जान
मुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा इलाके में बिजली विभाग (महावितरण) की एक और बड़ी लापरवाही ने एक हंसती-खेलती 17 साल की नाबालिग लड़की की जान ले ली. मृतक लड़की के चाचा मोहम्मद चांदीवाला ने रोते हुए बताया कि भारी बारिश के दौरान उनकी भतीजी सड़क पार स्थित अपने पिता की दुकान पर जा रही थी.
सड़क पर घुटनों तक पानी जमा था, जिसमें पास के बिजली के खंभे या अंडरग्राउंड केबल से करंट उतरा हुआ था. जैसे ही लड़की ने पानी में कदम रखा, उसे बिजली का एक जोरदार झटका लगा और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर गई. आस-पास के लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मुंब्रा पुलिस ने बिजली विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
खारघर टोल प्लाजा पर ट्रक पलटा, दादर-सायन में कमर तक भरा पानी
इस आसमानी आफत का सबसे बुरा असर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों और लोकल रास्तों पर पड़ा है:
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सायन-पनवेल हाईवे ब्लॉक: खारघर टोल प्लाजा के पास भारी बारिश और कम विजिबिलिटी के कारण एक तेज रफ्तार ट्रक बीच हाईवे पर पलट गया. इस हादसे की वजह से हाईवे की तीन लेन पूरी तरह ब्लॉक हो गईं और नवी मुंबई से मुंबई आने वाले रास्ते पर मीलों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया.
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दादर और सायन जलमग्न: हमेशा की तरह इस पहली बारिश में भी दादर ईस्ट और सायन का गांधी मार्केट इलाका पूरी तरह डूब गया है. यहां सड़कों पर कमर तक पानी भर जाने के कारण गाड़ियों के इंजन ठप हो गए हैं और लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका है.
अगले 24 घंटे भारी, प्रशासन की अपील— घरों में ही रहें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि मुंबई और उपनगरों में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण अगले 24 घंटों तक बारिश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं. रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. बिगड़ते हालात को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक कोई बेहद जरूरी या आपातकालीन काम न हो, तब तक वे अपने घरों से बाहर न निकलें और निचले इलाकों में जाने से पूरी तरह बचें.