TIME 100 लिस्ट 2026 में मोदी का नाम गायब, भारत से सिर्फ 3 नाम शामिल

TIME 100 लिस्ट 2026 में मोदी का नाम गायब, भारत से सिर्फ 3 नाम शामिल

टाइम मैगजीन की साल 2026 की प्रतिष्ठित 'TIME 100' लिस्ट जारी हो गई है और इस बार इसने दुनियाभर में चर्चा का तूफान खड़ा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीन के शी जिनपिंग, इजराइल के बेंजामिन नेतन्याहू और नेपाल के महज 35 वर्षीय युवा प्रधानमंत्री बालेन शाह जैसे नाम इस लिस्ट में चमक रहे हैं। लेकिन जो नाम इस बार पूरी तरह गायब है वह है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। यह अनुपस्थिति महज एक लिस्ट से बाहर होने की बात नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बदलती स्थिति पर एक बड़ा सवाल उठाती है।

एक दशक की ग्लोबल इमेज बिल्डिंग के बाद भी लिस्ट से बाहर

पिछले एक दशक से अधिक समय में नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेता की छवि बनाने के लिए तमाम कोशिशें हुईं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का डंका पीटा गया, जी-20 की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया गया और दर्जनों विदेश दौरे किए गए। इन सबके बावजूद 2026 की टाइम लिस्ट में उनका नाम नहीं है। विशेष रूप से चौंकाने वाली बात यह है कि नेपाल जैसे छोटे पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री बालेन शाह, जो कुछ ही महीने पहले सत्ता में आए हैं, इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बना लेते हैं।

भारत से सिर्फ तीन नाम, वो भी सत्ता से बाहर के क्षेत्रों से

इस बार टाइम लिस्ट में भारत से जुड़े केवल तीन नाम शामिल हुए हैं। तकनीक के क्षेत्र से गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई जो अब विदेशी नागरिकता ले चुके हैं, सिनेमा जगत से बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर और खानपान की दुनिया से प्रसिद्ध शेफ विकास खन्ना। यानी भारत की राजनीतिक सत्ता का प्रतिनिधित्व इस वैश्विक सूची में शून्य है। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मोदी की स्ट्रॉन्गमैन छवि अब केवल घरेलू राजनीति तक ही सिमट कर रह गई है।

आंतरिक चुनौतियों ने अंतर्राष्ट्रीय छवि पर डाला असर

विश्लेषकों के अनुसार हाल के वर्षों में भारत की कई आंतरिक चुनौतियां अंतर्राष्ट्रीय खबरों तक पहुंची हैं। बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक ध्रुवीकरण और पड़ोसी देशों के साथ तनाव की खबरें दुनिया के बड़े अखबारों और मंचों पर लगातार उठती रही हैं। विदेश नीति के मोर्चे पर भी भारत की स्थिति कभी रूस की तरफ तो कभी अमेरिका और इजराइल की ओर झुकने के रूप में देखी गई है जिससे एक स्पष्ट और स्वतंत्र वैश्विक नेता की छवि बनाना कठिन हो गया है।

टाइम लिस्ट है राजनीतिक कद का आईना

टाइम की यह वार्षिक सूची दुनिया भर में किसी भी नेता की वैश्विक स्वीकार्यता और प्रभाव का अनौपचारिक लेकिन बेहद महत्वपूर्ण पैमाना मानी जाती है। 2026 की यह लिस्ट भारतीय राजनीति और कूटनीति दोनों के लिए एक विचार करने वाला संकेत है। हालांकि किसी एक सूची से किसी नेता या देश की समग्र वैश्विक स्थिति का पूरा मूल्यांकन नहीं किया जा सकता, लेकिन यह जरूर बताती है कि दुनिया की नजर में अब भारत की पहचान उसके राजनीतिक नेतृत्व से कम और उसकी प्रतिभा, संस्कृति व तकनीक से ज्यादा बन रही है।

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