तमिलनाडु के मंदिरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मंत्री सख्त: अवैध वसूली और अनियमितताओं की सीधे करें शिकायत
तमिलनाडु के मंदिरों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री एस. रमेश ने शुक्रवार को जनता से एक बड़ी अपील करते हुए कहा कि विभाग के अंतर्गत आने वाले मंदिरों में अगर कहीं भी नौकरी के बदले पैसे मांगने, दर्शन के नाम पर अवैध वसूली या कोई अन्य अनियमितता हो रही है, तो भक्त उसकी सूचना बिना डरे दें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय और सरकार को सबूतों के साथ शिकायतें भेजी जाएं, जिन पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जल्दी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली पर लगेगी लगाम हाल ही में तिरुचेंदूर के एक मंदिर में निरीक्षण के दौरान मंत्री एस. रमेश ने खुलासा किया था कि मंदिर के कर्मचारी भक्तों को जल्दी दर्शन कराने के लालच में अवैध लेन-देन कर रहे थे। इस खुलासे के बाद सरकार ने प्रशासन को और अधिक पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की नीति के तहत, राज्य सरकार मंदिरों के धन को किसी भी व्यावसायिक गतिविधि में लगाने से परहेज कर रही है। इसी के तहत पिछली सरकार द्वारा मंजूर की गई 46 मंदिर परियोजनाओं और कुन्नूर में प्रस्तावित मल्टी-लेवल कार पार्किंग जैसे प्रोजेक्ट्स को रद कर दिया गया है।
विधायक को रिश्वत देने का मामला: 5 और गिरफ्तार मंदिरों में सुधार के साथ-साथ राज्य सरकार राजनीतिक शुचिता पर भी काम कर रही है। उथंगराई से टीवीके विधायक एन. एलैयाराजा को रिश्वत देने की कोशिश के मामले में पुलिस ने 5 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 8 हो गई है। मामला 29 जून का है, जब विधायक को फोन कर अविश्वास प्रस्ताव के दौरान एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए 35 करोड़ रुपये की भारी-भरकम पेशकश की गई थी। इस मामले ने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाने के लिए सक्रिय हैं।