CBI Trap Doda J&K: जम्मू-कश्मीर में CBI की बड़ी कार्रवाई, PMGSY मुआवजा फाइल पास करने के बदले रिश्वत लेते PWD असिस्टेंट इंजीनियर रंगे हाथ गिरफ्तार

CBI Trap Doda J&K: जम्मू-कश्मीर में CBI की बड़ी कार्रवाई, PMGSY मुआवजा फाइल पास करने के बदले रिश्वत लेते PWD असिस्टेंट इंजीनियर रंगे हाथ गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर से भ्रष्टाचार के खिलाफ सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। सीबीआई ने शुक्रवार (17 जुलाई) को जम्मू-कश्मीर लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक असिस्टेंट इंजीनियर को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। देश की शीर्ष जांच एजेंसी द्वारा की गई इस औचक और बड़ी कार्रवाई से पूरे विभाग और प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। आरोपी इंजीनियर पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) के तहत क्षतिग्रस्त हुए एक स्थानीय नागरिक के मकान की मुआवजा राशि को स्वीकृत (क्लियर) करने के एवज में अवैध रूप से पैसे मांगने का गंभीर आरोप है।

सीबीआई के आधिकारिक प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी इंजीनियर जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में PMGSY के तहत चल रहे बुनियादी ढांचा निर्माण कार्यों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था और वहां पीडब्ल्यूडी (PWD) में असिस्टेंट इंजीनियर के महत्वपूर्ण पद पर तैनात था।

10 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर फंसाया गया था पेंच

सीबीआई से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की नींव 16 जुलाई 2026 को दर्ज कराई गई एक लिखित शिकायत के बाद पड़ी। शिकायतकर्ता ने अपनी अर्जी में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था कि डोडा जिले के थथरी से कठावा (Thathri to Kathawa) के बीच बन रही PMGSY सड़क परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान भारी मशीनों के उपयोग से उसका निजी मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त (टूटना) हो गया था। सरकारी नियमों के तहत इस नुकसान के बदले शिकायतकर्ता के पक्ष में करीब 10 लाख रुपये की भारी-भरकम मुआवजा राशि स्वीकृत की जानी थी। पीड़ित व्यक्ति पिछले काफी समय से इस वैध मुआवजे को पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा था, लेकिन उसकी फाइल को जानबूझकर अटकाया जा रहा था।

50 हजार से 30 हजार पर तय हुआ सौदा, सीबीआई ने बिछाया जाल

पीड़ित का आरोप है कि मुआवजे की आधिकारिक फाइल को आगे बढ़ाने और बैंक खाते में भुगतान की राशि जारी कराने की एवज में आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर ने उसके साथ सीधा सौदा कर लिया। इंजीनियर ने बेखौफ होकर शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की मोटी घूस (रिश्वत) की मांग की। हालांकि, शिकायतकर्ता इतनी बड़ी रकम देने की स्थिति में नहीं था और उसने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों के बीच बंद कमरे में मोलभाव की बातचीत हुई, जिसमें इंजीनियर अंततः रिश्वत की राशि को कम करने के लिए तैयार हो गया और अंतिम सौदा 30 हजार रुपये में पक्का हुआ।

इसके तुरंत बाद पीड़ित ने इस भ्रष्टाचार की सूचना सीबीआई को दी। सीबीआई ने 16 जुलाई को ही शिकायत के तथ्यों की प्राथमिक जांच की और मामला सही पाए जाने पर तुरंत जाल (Trap) बिछाया। जैसे ही शुक्रवार को शिकायतकर्ता तय सौदे के मुताबिक आरोपी असिस्टेंट इंजीनियर को 30 हजार रुपये की केमिकल युक्त नकद राशि सौंपने पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठी सीबीआई की विशेष टीम ने धाबा बोलकर आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया। सीबीआई प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद आरोपी इंजीनियर को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी है।

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