चेन्नई में दूसरा एयरपोर्ट बनाने का प्लान रद: मुख्यमंत्री विजय के फैसले से किसानों और पर्यावरणविदों को मिली बड़ी राहत
तमिलनाडु की राजनीति और बुनियादी ढांचा विकास से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने कांचीपुरम जिले के परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर पूरी तरह से रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में इस फैसले का ऐलान करते हुए इसे स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पर्यावरणविदों के लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। इस बड़े फैसले के बाद पिछले तीन वर्षों से परंदूर और आसपास के 20 से अधिक गांवों में चल रहा जन आंदोलन अब समाप्त हो गया है।
चुनावी वादा निभाते हुए रद्द किया गया 27 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार विकास और आधारभूत ढांचे के विरोधी नहीं है, लेकिन विकास की ऐसी कोई भी कीमत स्वीकार नहीं की जा सकती जो पर्यावरण को तबाह करे और आम जनता की आजीविका छीन ले। चुनाव से पहले प्रभावित ग्रामीणों से किए गए वादे को पूरा करते हुए उन्होंने कहा कि कांचीपुरम का यह पूरा क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से बेहद संवेदनशील और उपजाऊ था। प्रस्तावित 5,369 एकड़ भूमि में से लगभग 47.6 प्रतिशत हिस्सा बेहद उपजाऊ कृषि भूमि था, जहां साल में तीन फसलें उगाई जाती थीं। इसके अलावा, एक चौथाई हिस्सा झीलों और जल-निकायों से घिरा हुआ था, जिस पर निर्माण होने से चेन्नई में गंभीर बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता था।
विधानसभा में हंगामा और चेन्नई एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री दबाव का विकल्प
इस बड़ी घोषणा के तुरंत बाद तमिलनाडु विधानसभा में विपक्षी दल डीएमके (DMK) के विधायकों ने जमकर हंगामा किया और तुरंत चर्चा की मांग की, जिसके बाद वॉकआउट किया गया। दूसरी ओर, विशेषज्ञों का मानना है कि चेन्नई के मौजूदा मीनांबक्कम एयरपोर्ट पर आने वाले वर्षों में यात्री दबाव अपनी चरम सीमा पर पहुंचने वाला है। इसे ध्यान में रखते हुए सीएम विजय ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार विमानन जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी ऐसी वैकल्पिक जगह की तलाश करें जहां उपजाऊ जमीन को नुकसान न पहुंचे, तब तक मौजूदा एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।