तमिलनाडु में 'थलापति' विजय का बड़ा धमाका: शपथ लेते ही मंदिरों और स्कूलों के पास शराब की दुकानें बंद करने का आदेश
Up kiran, Digital Desk : तमिलनाडु की सियासत में 'सुपरस्टार' से मुख्यमंत्री बने सी जोसेफ विजय ने सत्ता संभालते ही अपनी 'रील' लाइफ वाली इमेज को 'रियल' लाइफ में उतार दिया है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ ही घंटों के भीतर विजय जबरदस्त एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने राज्य की जनता से किया अपना एक बड़ा वादा निभाते हुए आदेश दिया है कि पूजा स्थलों (मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों), स्कूलों और बस अड्डों के 500 मीटर के दायरे में आने वाली सभी सरकारी शराब की दुकानें (TASMAC) तत्काल प्रभाव से बंद की जाएं।
मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट कर दिया है कि यह फैसला कोई कागजी आदेश नहीं रहेगा, बल्कि इसे अगले दो हफ्तों के भीतर पूरे राज्य में जमीन पर लागू करना अनिवार्य होगा। इस फैसले को राज्य में पूर्ण शराबबंदी की दिशा में पहला और सबसे कड़ा कदम माना जा रहा है।
कुर्सी संभालते ही तीन फाइलों पर किए हस्ताक्षर: 200 यूनिट बिजली फ्री
विजय ने केवल शराबबंदी पर ही कड़ा रुख नहीं अपनाया, बल्कि शपथ ग्रहण के मंच पर ही तीन ऐतिहासिक फाइलों पर हस्ताक्षर कर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया।
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पहला बड़ा फैसला: राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत देते हुए 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के आदेश पर मुहर लगाई।
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दूसरा बड़ा फैसला: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक 'स्पेशल टास्क फोर्स' (STF) के गठन का आदेश दिया।
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तीसरा बड़ा फैसला: राज्य में बढ़ते नशे के जाल को तोड़ने के लिए हर जिले में एक 'विशेष एंटी-ड्रग फोर्स' की तैनाती सुनिश्चित की।
विधानसभा में शपथ ग्रहण का माहौल: उदयनिधि और पलानीस्वामी ने भी ली शपथ
सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में शपथ ग्रहण समारोह का नजारा बेहद दिलचस्प रहा। सबसे पहले मुख्यमंत्री विजय ने विधायक के रूप में शपथ ली, जिसके बाद उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। सदन में कद्दावर विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन, ई.के. पलानीस्वामी और ओ. पनीरसेल्वम भी मौजूद रहे। जहां विजय और उदयनिधि ने "पूर्ण निष्ठा" के नाम पर शपथ ली, वहीं अन्नाद्रमुक के पलानीस्वामी ने ईश्वर के नाम पर शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण के दौरान हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा: मंत्री कीर्तना भूलीं सर्टिफिकेट
शपथ ग्रहण के दौरान सदन में कुछ पल अफरा-तफरी और हंसी-मजाक के भी रहे। नवनियुक्त महिला मंत्री कीर्तना जब शपथ लेने मंच पर पहुंचीं, तो वह अपना निर्वाचन प्रमाण-पत्र (Election Certificate) लाना ही भूल गईं। विधानसभा नियमों के मुताबिक बिना प्रमाण-पत्र के शपथ नहीं ली जा सकती, जिसके चलते उन्हें वापस जाकर सर्टिफिकेट लाना पड़ा। वहीं, वेलाचेरी से 'टीवीके' (TVK) विधायक आर. कुमार के साथ भी एक अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब उन्होंने गलती से किसी और का प्रमाण-पत्र अधिकारी को थमा दिया। हालांकि, बाद में इन तकनीकी खामियों को सुधार लिया गया।
सोशल मीडिया पर विजय की 'नो-कॉम्प्रोमाइज' पॉलिसी की चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बालेन शाह की तरह विजय भी अपनी 'प्योर पॉलिटिक्स' की छवि गढ़ रहे हैं। मंदिरों और स्कूलों के पास से शराब के ठेके हटाने के फैसले को महिलाओं और धार्मिक संगठनों का भारी समर्थन मिल रहा है। विजय ने साफ संदेश दे दिया है कि उनकी सरकार में जनहित के फैसलों में कोई देरी या समझौता नहीं किया जाएगा।