मंगेतर सिया के इशारे पर प्रेमी ने केतन को खाई में धकेला, 6 महीने से रची जा रही थी खौफनाक साजिश

मंगेतर सिया के इशारे पर प्रेमी ने केतन को खाई में धकेला, 6 महीने से रची जा रही थी खौफनाक साजिश

रियल एस्टेट कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की हत्या के मामले में पुणे पुलिस ने एक ऐसी खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने का पूरा ताना-बाना बुना था। यह मामला महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ठंडे दिमाग से की गई एक सोची-समझी हत्या निकली है।

मंगेतर और प्रेमी के बीच 'डेथ प्लान' का सीसीटीवी प्रूफ

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने वारदात को अंजाम देने के लिए बाकायदा हत्या के तरीके इंटरनेट पर सर्च किए थे। घटना से एक दिन पहले, 17 जून को पुणे के एक कैफे में दोनों की मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगा है, जो इस पूरे हत्याकांड की 'ब्लूप्रिंट' मुलाकात मानी जा रही है। आमने-सामने की पूछताछ में पहले तो दोनों ने एक-दूसरे पर दोष मढ़ने की कोशिश की, लेकिन सख्ती के बाद सिया ने मान लिया कि साजिश उसी ने रची थी और चेतन उसमें मुख्य मददगार था।

2000 बार फोन कॉल, 238 घंटे की बातचीत

साजिश की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिया और चेतन पिछले 6 महीनों से लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। दोनों के बीच इस दौरान 2,004 बार फोन कॉल हुई और करीब 238 घंटे तक बातें हुईं। सबूत मिटाने के लिए चेतन ने वारदात वाले दिन अपना मोबाइल फोन अपनी दुकान पर काम करने वाले नीरज कुमार को दे दिया था और उसका फोन लेकर लोहागढ़ किले पर गया था, ताकि लोकेशन का पता न चल सके। नीरज कुमार का बयान अब इस केस में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहा है।

पिता की चीख और राजनीतिक सरगर्मी

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने भावुक होते हुए कहा, "मेरे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया गया। अगर शादी नहीं करनी थी, तो रिश्ता खत्म कर देते, जान लेने की क्या जरूरत थी?" वहीं, आरोपी सिया के पिता ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी है, तो उसे भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए जैसी उसने केतन के साथ की। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। महाराष्ट्र विधानसभा में राकांपा सदस्य सुनील शेल्के ने मामला उठाया, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल दोनों आरोपी सात दिन की पुलिस हिरासत में हैं और पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर उनकी नफरत इतनी गहरी कैसे हो गई कि उन्होंने एक निर्दोष की जान ले ली।

Latest Posts