AAP Slams Centre Over CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर AAP का केंद्र सरकार पर हमला! बोली- 'कानून का मजाक बना रही है मोदी सरकार'

AAP Slams Centre Over CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर AAP का केंद्र सरकार पर हमला! बोली- 'कानून का मजाक बना रही है मोदी सरकार'

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद मार्च' के दौरान हुए भारी बवाल, लाठीचार्ज और कार्यकर्ताओं की धरपकड़ के बाद दिल्ली की सियासत में भूचाल आ गया है। इस पूरे मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के रुख की कड़ी आलोचना करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली में लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था का पूरी तरह मजाक बना रही है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और संसद मार्ग को पूरी तरह सील किए जाने के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर काफी तेज हो गया है।

आम आदमी पार्टी का हमला: "दिल्ली को पुलिस छावनी में बदला"

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ताओं और नेताओं ने प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस पर तीखे सवाल खड़े किए:

  • लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन: 'आप' ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना देश के प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार (Constitutional Right) है। सरकार प्रदर्शनकारियों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसा रही है।

  • दिल्ली की जनता परेशान: जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास भारी बैरिकेडिंग और कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए जाने से आम दिल्लीवासियों को भयंकर जाम और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 'आप' का आरोप है कि केंद्र सरकार की तानाशाही नीतियों की वजह से पूरी दिल्ली पुलिस छावनी में तब्दील हो गई है।

सीजेपी (CJP) प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर जताया विरोध

आप नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सीजेपी कार्यकर्ताओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई एफआईआर (FIR) और प्रिवेंटिव डिटेंशन (हिरासत) का कड़ा विरोध किया:

  1. कानून का दुरुपयोग: 'आप' का तर्क है कि जब कोई भी संगठन संसद भवन की तरफ शांतिपूर्ण मार्च निकालना चाहता है, तो उसे संवाद के जरिए संभालने के बजाय आपराधिक मामले दर्ज कर जेलों में ठूंसना कानून-व्यवस्था का मजाक उड़ाना है।

  2. संसद सत्र के दौरान दमनकारी नीति: मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और आम जनता की आवाज को दबाने के लिए केंद्र सरकार पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है।

बीजेपी का पलटवार

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था और संसद की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह नियमानुसार कार्रवाई की है, क्योंकि बिना किसी पुलिस अनुमति के बैरिकेड्स तोड़े गए और उपद्रव मचाया गया था।

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