पासपोर्ट ऑफिस और डाकघरों को उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप! जांच में निकला 'फर्जी', पुलिस ने ली राहत की सांस
झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पासपोर्ट कार्यालय और प्रमुख डाकघरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी भरा ईमेल मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई। एहतियात के तौर पर, आनन-फानन में सभी संवेदनशील कार्यालयों को खाली कराया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालांकि, घंटों की सघन तलाशी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली—धमकी देने वाला अलर्ट पूरी तरह से 'फर्जी' पाया गया।
कैसे शुरू हुआ दहशत का माहौल?
आज सुबह जैसे ही पासपोर्ट कार्यालय और विभिन्न डाकघरों के आधिकारिक ईमेल पर यह धमकी भरी सूचना पहुंची, सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिया गया। ईमेल में साफ तौर पर लिखा गया था कि परिसर में बम प्लांट किए गए हैं, जिससे हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कर्मचारियों और वहां मौजूद आम नागरिकों को तत्काल प्रभाव से बाहर निकाला गया और पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी गई। घबराए हुए लोग और उनके परिजन दहशत में दिखे, क्योंकि किसी को नहीं पता था कि यह वास्तविक खतरा है या कोई अफवाह।
तलाशी अभियान और प्रशासनिक मुस्तैदी
धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खुफिया विभाग ने मोर्चा संभाल लिया। घंटों तक चले इस गहन जांच अभियान (Search Operation) में चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली गई। इस दौरान एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी स्टैंडबाय पर रखी गई थीं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जब टीम ने पूरी इमारत और आस-पास के क्षेत्रों को खंगाला, तो कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बाद पुष्टि हुई कि यह एक शरारती तत्व द्वारा फैलाया गया 'फेक अलर्ट' था, जिसका उद्देश्य केवल पैनिक पैदा करना था।
फर्जी धमकी देने वालों पर पुलिस की पैनी नजर
फर्जी बम की धमकी देने का यह कोई पहला मामला नहीं है। झारखंड पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से ले रही है। आईटी सेल की मदद से उस ईमेल आईडी और आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक किया जा रहा है, जिससे ये धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। साइबर अपराधियों को चेतावनी देते हुए पुलिस ने कहा है कि इस तरह की हरकतों से सरकारी कामकाज बाधित होता है और आम जनता में भय का माहौल बनता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा। फिलहाल, सभी कार्यालयों को दोबारा खोल दिया गया है और कामकाज सामान्य हो गया है।