सुस्त पड़े मानसून ने पकड़ी रफ्तार! रांची और बोकारो समेत इन जिलों में भारी आंधी-बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी
झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून ने दोबारा अपनी पूरी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार राज्य के कई जिलों में बादलों ने डेरा डाल दिया है और आने वाले कुछ घंटों के भीतर तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है. मौसम विज्ञान केंद्र ने राजधानी रांची, बोकारो सहित राज्य के कई प्रमुख जिलों में आंधी-तूफान, भारी बारिश और सुरक्षित रहने के लिए वज्रपात (Thunderstorm and Lightning) का कड़ा अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से तो राहत मिलेगी, लेकिन प्रशासन ने भी एहतियात के तौर पर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
झारखंड में क्यों अचानक बदला मौसम का मिजाज?
पिछले कुछ हफ्तों से झारखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई थी, जिसके कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे. लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम और टर्फ लाइन के सक्रिय होने के कारण राज्य के ऊपर मानसूनी हवाएं फिर से मजबूत हो गई हैं. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस मौसमी बदलाव के चलते नमी से भरपूर बादल तेजी से झारखंड की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे व्यापक पैमाने पर बारिश का यह नया दौर शुरू हुआ है. इस सक्रियता से न केवल खेती-किसानी को फायदा पहुंचेगा, बल्कि सूख रहे जल स्रोतों को भी नया जीवन मिलेगा.
रांची और बोकारो समेत किन-किन जिलों में भारी बारिश का अनुमान?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी रांची और उसके आसपास के इलाकों में काले बादलों का डेरा रहेगा और दोपहर या शाम के समय झमाझम बौछारें पड़ने की उम्मीद है. इसके अलावा बोकारो, धनबाद, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, चतरा और पलामू प्रमंडल के कुछ जिलों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा. इन इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे कुछ जगहों पर यातायात प्रभावित होने या पेड़ों की टहनियां टूटने की आशंका भी जताई गई है.
वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) को लेकर विशेष चेतावनी
इस मानसूनी बारिश के साथ-साथ बादलों के गरजने और आकाशीय बिजली (Vajrapat) गिरने का खतरा सबसे अधिक बना हुआ है. मौसम विज्ञान केंद्र ने विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों और खुले मैदानों में काम करने वाले किसानों तथा आम नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है. पिछले कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में वज्रपात की चपेट में आने से कई अनहोनी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसे देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम वैज्ञानिकों ने अपील की है कि खराब मौसम और गर्जना के दौरान लोग पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें.
किसानों के चेहरे खिले, कृषि गतिविधियों को मिलेगा संजीवनी बूटी जैसा फायदा
झारखंड मूल रूप से कृषि प्रधान राज्य है और यहां के किसानों की फसलें मानसून की बारिश पर ही पूरी तरह निर्भर करती हैं. पिछले दिनों बारिश में आई कमी के कारण धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों को बचाने के लिए किसान काफी चिंतित नजर आ रहे थे. मानसून के दोबारा रफ्तार पकड़ने और खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से धान की फसल को नया जीवन मिल गया है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान की फसल के विकास के लिए बेहद अनुकूल साबित होगी और इससे इस साल बंपर पैदावार होने की उम्मीद फिर से जग गई है.
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की ओर से एडवाइजरी जारी
मौसम विभाग के इस भारी बारिश और वज्रपात के रेड व ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए झारखंड के विभिन्न जिला प्रशासनों ने भी एडवाइजरी जारी कर दी है. खासकर निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. वाहन चालकों को खराब दृश्यता (Low Visibility) और फिसलन भरे रास्तों पर गाड़ी धीरे चलाने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि यह मानसूनी सक्रियता अभी अगले कुछ दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बनी रहेगी, जिससे तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी.