झारखंड में हड़कंप! सरकारी आवासीय स्कूल में दूषित खाना खाने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार, अस्पताल में बेड पड़े कम

झारखंड में हड़कंप! सरकारी आवासीय स्कूल में दूषित खाना खाने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार, अस्पताल में बेड पड़े कम

झारखंड के एक सरकारी आवासीय विद्यालय (रेसिडेंशियल स्कूल) से बेहद हैरान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। स्कूल के हॉस्टल में रात का खाना खाने के बाद 100 से भी अधिक छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। देखते ही देखते छात्राओं को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतें होने लगीं, जिससे पूरे स्कूल परिसर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में बीमार बच्चियों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और अस्पताल परिसर में भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

रात के खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, फूड पॉइजनिंग की आशंका

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्राओं को रात के भोजन में जो खाना परोसा गया था, उसके कुछ ही देर बाद बच्चियों ने बेचैनी की शिकायत की थी। आधी रात बीतते-बीतते एक के बाद एक कई छात्राओं की हालत बेहद नाजुक होने लगी। हॉस्टल प्रबंधन ने स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से सभी पीड़ित छात्राओं को जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों का शुरुआती तौर पर मानना है कि यह सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग (दूषित भोजन) का मामला है, जो उमस और गर्मी के मौसम में खाने की खराबी या साफ-सफाई की कमी की वजह से हो सकता है।

अस्पताल में मची चीख-पुकार, प्रशासन और डॉक्टरों की टीम अलर्ट पर

एक साथ सौ से ज्यादा बच्चियों के अस्पताल पहुंचने के कारण बेड कम पड़ गए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बिस्तरों और डॉक्टरों की तैनाती की। कई बच्चियों का इलाज फर्श और स्ट्रेचर पर ही ड्रिप लगाकर शुरू करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी, उपायुक्त (डीसी) और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया है और डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि बच्चियों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। राहत की बात यह है कि अधिकांश छात्राओं की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

स्कूल की रसोई और राशन की जांच शुरू, दोषियों पर गिरेगी गाज

इस गंभीर लापरवाही के बाद झारखंड शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने स्कूल के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड सेफ्टी टीम) ने हॉस्टल के किचन से खाने के सैंपल, पीने के पानी और इस्तेमाल किए जा रहे राशन को सील कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है; उनका आरोप है कि हॉस्टल में बच्चों को लंबे समय से घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आते ही हॉस्टल वार्डन, मेस संचालक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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