झारखंड में प्रकृति का तांडव! 10 जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ 60KM की रफ्तार से आएगा भयंकर आंधी-तूफान

झारखंड में प्रकृति का तांडव! 10 जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ 60KM की रफ्तार से आएगा भयंकर आंधी-तूफान

देशभर में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से त्रस्त जनता के लिए मौसम के मोर्चे से एक बेहद राहत और बड़ी खबर सामने आ रही है। झारखंड में मानसून की दस्तक और चक्रवातीय हवाओं के प्रभाव के कारण मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह से बदल गया है। चिलचिलाती धूप और लू (Heat Wave) का सामना कर रहे लोगों को इस बदलते मौसम से जहां एक तरफ भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने राज्य में भारी तबाही की भी आशंका जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए झारखंड के 10 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से चलने वाली आंधी को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। आइए एक ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि आज झारखंड के किन-किन जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ पानी बरसने वाला है और प्रशासन ने आम जनता के लिए क्या जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं।

मौसम विभाग का बड़ा पूर्वानुमान, 60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी विनाशकारी हवाएं

मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण झारखंड के वायुमंडल में भारी नमी आ गई है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में अचानक काले घने बादलों ने डेरा डाल लिया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान हवा की रफ्तार बेहद खतरनाक हो सकती है। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाले इस आंधी-तूफान के कारण कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और सड़कों पर लगे बड़े होर्डिंग्स को भारी नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे तूफान के समय अपने घरों के भीतर ही रहें और किसी भी असुरक्षित ढांचे या पेड़ के नीचे शरण बिल्कुल न लें।

जानिए आज झारखंड के किन 10 जिलों में बरसने वाले हैं बदरा, कहां-कहां है अलर्ट

मौसम केंद्र रांची के अनुसार, आज राज्य के जिन प्रमुख जिलों में झमाझम बारिश और वज्रपात (Lightning) की सबसे ज्यादा संभावना जताई गई है, उनमें राजधानी रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला और खूंटी शामिल हैं। इन जिलों में तड़के सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है और कई इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है। इसके अलावा संताल परगना के कुछ इलाकों जैसे देवघर, दुमका और गोड्डा में भी स्थानीय स्तर पर गरज वाले बादल विकसित होने की उम्मीद है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी।

तापमान में दर्ज की जाएगी भारी गिरावट, किसानों के चेहरे पर लौटी बड़ी मुस्कान

मौसम में आए इस अचानक और बड़े यू-टर्न के कारण झारखंड के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज किए जाने का अनुमान है। पिछले कई दिनों से 40 से 44 डिग्री के बीच झुलस रहे लोगों के लिए यह राहत की फुहार बनकर आया है। इस मानसूनी बारिश के आगमन से सबसे ज्यादा खुशी राज्य के अन्नदाताओं यानी किसानों के चेहरे पर देखने को मिल रही है। खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुआई और बिचड़ा डालने के लिए इस समय होने वाली बारिश को बेहद कीमती और अमृत समान माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले दो-तीन दिनों तक ऐसी ही बारिश जारी रहती है, तो किसान पूरी क्षमता के साथ अपने खेतों की जुताई का काम शुरू कर सकेंगे।

वज्रपात और आंधी को लेकर प्रशासन मुस्तैद, बिजली विभाग ने जारी की विशेष गाइडलाइन

झारखंड में बारिश के मौसम के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरना एक बेहद गंभीर और जानलेवा समस्या रही है। इसी के मद्देनजर राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बिजली विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान ग्रामीण और शहरी इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से बिजली की सप्लाई अस्थायी रूप से काटी जा सकती है, ताकि तारों के टूटने या शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसों से बचा जा सके। लोगों को सलाह दी गई है कि जब आसमान में बिजली चमक रही हो, तब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचें और भूलकर भी खेतों में या तालाबों के पास न जाएं, क्योंकि ऐसी जगहों पर वज्रपात का खतरा सबसे अधिक होता है।

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