Jharkhand Bandh Today: JPSC-JSSC विवाद में उबला रांची, छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आज BJP का 'झारखंड बंद'; जानिए क्या खुला रहेगा और क्या बंद
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) और जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्र पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में धरने पर डटे हुए थे। जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, जिनकी तबीयत विधानसभा मार्च के दौरान बिगड़ने के बाद उन्हें रिम्स/सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी वाजिब मांगों को सुनने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग कर आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।
विधानसभा के बाहर रणक्षेत्र बना रांची, 3 बार हुआ लाठीचार्ज
सोमवार को राज्य भर से पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों ने भारी बारिश के बीच 'विधानसभा घेराव' के लिए मार्च शुरू किया। पुलिस द्वारा लगाए गए कटीले तारों वाले बैरिकेड्स को तोड़कर जब छात्र विधानसभा गेट के पास पहुंचे, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तीन अलग-अलग मौकों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के दर्जनों गोले छोड़े। घायल छात्रों ने आरोप लगाया कि महिला अभ्यर्थियों पर भी पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठियां बरसाईं। वहीं, दूसरी ओर पुलिस प्रशासन (सिटी एसपी) का दावा है कि कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस बलों पर पथराव किया, जिसमें 4 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
बीजेपी का 'झारखंड बंद' का ऐलान, क्या रहेगा खुला और क्या बंद?
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उत्पीड़न के खिलाफ झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आज 11 अगस्त (सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक) राज्यव्यापी 'झारखंड बंद' का आह्वान किया है।
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क्या रहेगा प्रभावित: व्यावसायिक प्रतिष्ठान, निजी बाजार, दुकानें और सार्वजनिक परिवहन (बस व ऑटो सेवाएं) बंद के कारण प्रभावित हो सकती हैं।
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आवश्यक सेवाएं मुक्त: एम्बुलेंस, अस्पताल, दवा दुकानें, दूध आपूर्ति, फायर ब्रिगेड और परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।
छात्रों की मुख्य मांगें और सरकार का रुख
हालांकि, हेमंत सोरेन सरकार ने प्रदर्शनकारियों के दबाव में आकर 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और बैकलाग परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन छात्र अपनी दो मुख्य मांगों पर अड़े हुए हैं:
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JSSC-CGL परीक्षा का पूर्ण रद्दीकरण: छात्र विवादित ब्लैकलिस्टेड एजेंसी (TSR Data Processing) द्वारा कराई गई परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
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CBI जांच की मांग: अभ्यर्थी पूरी परीक्षा प्रणाली में हुई धांधली की निष्पक्ष केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच कराने की जिद पर अड़े हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर शांति की अपील करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए प्रतिबद्ध है और एक पूर्व जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच समिति का गठन कर रही है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।