झारखंड में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार: धनबाद और जमशेदपुर में बढ़ेंगी MBBS की 250 और PG की 335 सीटें
झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और हेल्थकेयर बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा और कूटनीतिक कदम उठाया है। राज्य के दो प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों एसएनएमसीएच धनबाद (SNMMCH Dhanbad) और एमजीएम जमशेदपुर (MGM Jamshedpur) में एमबीबीएस (MBBS) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) सीटों के बंपर विस्तार को कूटनीतिक मंजूरी मिल गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अवर सचिव रंजन डोले ने शुक्रवार को इस कड़े और महत्वपूर्ण आशय का आधिकारिक पत्र झारखंड स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को भेजा है। इस कूटनीतिक निर्णय के तहत आगामी तीन वर्षों के भीतर दोनों मेडिकल कॉलेजों में सीटों का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री और आला अधिकारियों ने जताई खुशी
केंद्र सरकार से इस मेगा कूटनीतिक प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में उत्साह है:
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "यह कूटनीतिक निर्णय न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बुनियादी रूप से मजबूत करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में झारखंड में डॉक्टरों की भारी कमी को दूर करने में एक बड़ा मील का पत्थर (Milestone) साबित होगा।"
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि बताया और कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त इस प्रस्ताव को अब कूटनीतिक औपचारिकता के तहत राज्य कैबिनेट (Cabinet Approval) की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी जल्द ही सीटें और सुपर स्पेशियलिटी (Super Specialty) कोर्स बढ़ाने की दिशा में कूटनीतिक कार्य किया जाएगा।
दोनों कॉलेजों में अब होंगी 250-250 MBBS सीटें (MBBS Seats Allocation)
सीटों में होने वाले इस कूटनीतिक विस्तार के बाद झारखंड के युवाओं को डॉक्टर बनने के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी काफी हद तक कम हो जाएगी:
एसएनएमसीएच धनबाद: यहां वर्तमान में एमबीबीएस की 100 सीटें हैं, जिनमें 150 नई सीटों का इजाफा किया जाएगा।
एमजीएम जमशेदपुर: यहां फिलहाल एमबीबीएस की 150 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें 100 नई सीटें जोड़ी जाएंगी।
इसके बाद दोनों ही मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल सीटें बढ़कर 250-250 हो जाएंगी।
एमबीबीएस विस्तार का वित्तीय गणित (Funding Pattern)
इस कूटनीतिक बुनियादी ढांचे को तैयार करने में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कूटनीतिक फंडिंग पैटर्न के तहत निवेश करेंगी:
धनबाद मेडिकल कॉलेज: सीटों के विस्तार पर कुल स्वीकृत कूटनीतिक लागत 225 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार अपनी हिस्सेदारी के रूप में 135 करोड़ रुपये देगी।
जमशेदपुर मेडिकल कॉलेज: यहां एमबीबीएस विस्तार पर कुल 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें केंद्र सरकार का कूटनीतिक योगदान 90 करोड़ रुपये का होगा। केंद्र ने इसके कार्यान्वयन के लिए दोनों मेडिकल कॉलेजों से जुड़ा एमओयू (MoU) भी राज्य सरकार को भेज दिया है।
पीजी (PG) सीटों का बंपर विस्तार: धनबाद को 186 और जमशेदपुर को 149 सीटें
विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Doctors) की कमी को पूरा करने के लिए पीजी सीटों के विस्तार पर कुल 502.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें धनबाद के लिए 279 करोड़ रुपये और जमशेदपुर के लिए 223.5 करोड़ रुपये की कूटनीतिक मंजूरी दी गई है।
1. एसएनएमसीएच धनबाद (186 नई पीजी सीटें)
धनबाद में पहले से केवल 19 पीजी सीटें थीं, लेकिन अब यहां 186 नई सीटें स्वीकृत की गई हैं। प्रमुख विभागों में सीटों का कूटनीतिक वितरण इस प्रकार है:
एमडी मेडिसिन और एमडी एनेस्थीसिया: सबसे ज्यादा 12-12 सीटें बढ़ाई गई हैं।
सर्जरी, पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) और कम्युनिटी मेडिसिन: इन विभागों में 10-10 सीटों का विस्तार किया जाएगा।
2. एमजीएम जमशेदपुर (149 नई पीजी सीटें)
जमशेदपुर में पूर्व से 47 पीजी सीटें संचालित हो रही हैं, जहां अब 149 नई पीजी सीटों की कूटनीतिक वृद्धि को मंजूरी मिली है:
एमडी पैथोलॉजी: सबसे अधिक 18 सीटें बढ़ाई गई हैं।
एमडी मेडिसिन: चिकित्सा विभाग में 16 नई सीटों का इजाफा होगा।
गायनी (महिला व प्रसूति रोग): 15 सीटें बढ़ाई जाएंगी।
एनेस्थीसिया: 12 नई सीटों की वृद्धि को कूटनीतिक मंजूरी दी गई है।