अवैध कोयला कारोबार पर ED का सबसे बड़ा शिकंजा, धनबाद समेत 25 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

अवैध कोयला कारोबार पर ED का सबसे बड़ा शिकंजा, धनबाद समेत 25 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

झारखंड के खनिज बहुल इलाकों में अवैध खनन और कोयले के काले कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बहुत बड़ा और कड़ा एक्शन लिया है। राज्य में भूमि, अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने कोयलांचल की राजधानी कहे जाने वाले धनबाद और उसके आसपास के जिलों में एक साथ 25 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। अहले सुबह केंद्रीय बलों के भारी सुरक्षा तामझाम के साथ ईडी की अलग-अलग टीमों ने जब संदिग्ध कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और कोयला सिंडिकेट से जुड़े लोगों के ठिकानों पर दस्तक दी, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

धनबाद से लेकर रांची तक फैला है अवैध सिंडिकेट का नेटवर्क

शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई झारखंड में चल रहे अवैध कोयला उत्खनन, तस्करी और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन (Money Laundering) के पुख्ता सबूतों के आधार पर की जा रही है। धनबाद के कई पॉश इलाकों के अलावा कोयला कारोबारियों के दफ्तरों, आवासों और उनके करीबियों के ठिकानों पर एक साथ चल रही इस रेड से सिंडिकेट से जुड़े लोगों में भगदड़ मच गई है। ईडी की टीमें दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों के लेन-देन और संपत्ति से जुड़े कागजातों की बारीकी से छानबीन कर रही हैं। इस बात की पूरी आशंका जताई जा रही है कि इस बड़ी छापेमारी के दौरान कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और बेहिसाब संपत्ति का राजफाश हो सकता है।

राजनीतिक गलियारों में खलबली, पहले भी आ चुके हैं कई बड़े नाम सामने

झारखंड में अवैध कोयला कारोबार का यह खेल कोई नया नहीं है, लेकिन ईडी की इस ताजा और व्यापक कार्रवाई से राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। इससे पहले भी केंद्रीय एजेंसियों ने अवैध खनन मामलों में कई बड़े राजनेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों पर शिकंजा कसा था। ताजा छापेमारी के बाद से यह साफ हो गया है कि एजेंसी इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। बहरहाल, धनबाद समेत 25 से अधिक ठिकानों पर चल रही इस लंबी रेड के बाद क्या नए तथ्य सामने आते हैं, इस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।

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