बारिश में घर पर चाहिए हलवाई जैसा स्वाद? मास्टरशेफ पंकज भदौरिया के इन सीक्रेट ट्रिक्स से बनाएं सुपर क्रिस्पी पकोड़े; हर कोई पूछेगा रेसिपी
रिमझिम बारिश की बूंदें गिरते ही हर भारतीय घर में गरमा-गरम पकोड़े और अदरक वाली चाय की तलब उठने लगती है। मानसून के मौसम का असली मजा तभी आता है जब पकोड़े बिल्कुल कुरकुरे और खस्ता बनें। अक्सर घर पर पकोड़े बनाते समय वे या तो बहुत नरम हो जाते हैं या फिर जरूरत से ज्यादा तेल सोख लेते हैं। इस समस्या से निजात दिलाने और घर पर ही बाजार जैसा स्वाद लाने के लिए जानी-मानी मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने कुछ बेहद आसान और जादुई कुकिंग टिप्स साझा किए हैं। इन ट्रिक्स को अपनाकर कोई भी मिनटों में हलवाई जैसी क्रिस्पीनेस हासिल कर सकता है।
घोल में मिलाएं चावल का आटा या कॉर्नस्टार्च
पकोड़ों को लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखने के लिए बेसन का सही संतुलन होना जरूरी है। मास्टरशेफ पंकज भदौरिया के अनुसार, सिर्फ बेसन से बने पकोड़े ठंडे होने के बाद जल्दी नरम पड़ जाते हैं। इसलिए पकोड़े का बैटर तैयार करते समय बेसन में थोड़ा सा चावल का आटा (Rice Flour) या कॉर्नस्टार्च जरूर मिलाएं। लगभग 1 कप बेसन में 2 से 3 चम्मच चावल का आटा मिलाने से पकोड़ों की बाहरी परत बेहद क्रिस्पी बनती है और तलने के काफी देर बाद भी उनकी खनक बनी रहती है।
गर्म तेल का जादू यानी मोयन का इस्तेमाल
पकोड़ों को अंदर से सॉफ्ट और बाहर से खस्ता बनाने का सबसे बड़ा राज है गर्म तेल का 'मोयन'। जब आप बेसन का गाढ़ा घोल तैयार कर लें, तो उसमें एक बड़ा चम्मच खौलता हुआ गर्म तेल डाल दें और अच्छी तरह फेंटें। यह छोटा सा नुस्खा बैटर को हल्का और एयरी (airy) बना देता है। इससे पकोड़े तलते वक्त अतिरिक्त तेल नहीं सोखते और हलवाई की तरह फूले-फूले व बेहद कुरकुरे तैयार होते हैं।
बैटर की कंसिस्टेंसी और फेंटने की सही तकनीक
पकोड़ों का स्वाद और टेक्सचर पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि बैटर को कैसे घोला गया है। बैटर न तो बहुत पतला होना चाहिए और न ही ज्यादा गाढ़ा। अगर बैटर बहुत पतला होगा, तो सब्जियों पर टिकेगा नहीं और तेल में बिखर जाएगा; वहीं बहुत गाढ़ा होने पर पकोड़े अंदर से कच्चे और भारी रह जाएंगे। पानी हमेशा थोड़ा-थोड़ा करके डालें और बैटर को एक ही दिशा में 4 से 5 मिनट तक अच्छी तरह फेंटें। अच्छी तरह फेंटने से बैटर में हवा भरती है, जिससे पकोड़े हल्के बनते हैं।
अजवाइन, हींग और खड़े मसालों का देसी तड़का
स्वाद और पाचन दोनों को बेहतर बनाने के लिए मसालों का सही चयन जरूरी है। बरसात के मौसम में पकोड़े आसानी से पच जाएं, इसके लिए बैटर में हथेली से रगड़कर थोड़ी सी अजवाइन और एक चुटकी हींग जरूर डालें। इसके अलावा साबुत धनिया के बीजों को हल्का सा दरदरा कूटकर डालने से हर बाइट में हलवाई जैसा क्लासिक फ्लेवर आता है। बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक और ताजे धनिए की पत्तियां पकोड़े के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती हैं।
तेल का सही तापमान और डबल फ्राई तकनीक
पकोड़े तलते समय तेल का तापमान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर तेल कम गर्म होगा, तो पकोड़े बहुत सारा तेल सोख लेंगे और चिपचिपे बनेंगे। वहीं अगर तेल बहुत ज्यादा गर्म होगा, तो पकोड़े बाहर से जल जाएंगे और अंदर से कच्चे रह जाएंगे। तेल को पहले मध्यम-तेज आंच पर गर्म करें और फिर मीडियम फ्लेम पर ही पकोड़े तलें। अगर आपको बाजार जैसे अत्यधिक कुरकुरे पकोड़े चाहिए, तो उन्हें 'डबल फ्राई' करें। पकोड़ों को पहले हल्का सा तलकर निकाल लें और सर्व करने से ठीक 2 मिनट पहले तेज गर्म तेल में दोबारा क्रिस्पी होने तक फ्राई करें।
हरी चटनी और अदरक वाली कड़क चाय के साथ परोसें
तैयार कुरकुरे पकोड़ों को टिशू पेपर या जालीदार छलनी पर निकालें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। ऊपर से थोड़ा सा चाट मसाला छिड़कें। इन गरमा-गरम क्रिस्पी पकोड़ों को तीखी पुदीना-धनिया की हरी चटनी, मीठी इमली की चटनी और एक कप गरमा-गरम अदरक-इलायची वाली चाय के साथ परोसें। पंकज भदौरिया के इन आसान नुस्खों के साथ आपका मानसून का जायका दोगुना हो जाएगा।