Silent Heart Attack Warning Signs: बिना सीने के दर्द के भी आ सकता है हार्ट अटैक! डॉक्टरों से जानें 'साइलेंट हार्ट अटैक' के 5 बड़े लक्षण जो अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं

Silent Heart Attack Warning Signs: बिना सीने के दर्द के भी आ सकता है हार्ट अटैक! डॉक्टरों से जानें 'साइलेंट हार्ट अटैक' के 5 बड़े लक्षण जो अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं

जब भी 'हार्ट अटैक' (Heart Attack) का नाम आता है, तो दिमाग में सबसे पहली तस्वीर तेज सीने में दर्द (Chest Pain), बाएं हाथ में दर्द और अचानक पसीना आने की बनती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार हार्ट अटैक बिना किसी खास सीने के दर्द के भी चुपचाप आ जाता है? इसे डॉक्टरी भाषा में 'साइलेंट हार्ट अटैक' (Silent Heart Attack / Silent Myocardial Infarction) कहा जाता है। एक हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह स्थिति सामान्य हार्ट अटैक से भी ज्यादा खतरनाक साबित होती है, क्योंकि मरीज को पता ही नहीं चलता कि उसके हृदय की नसों में ब्लॉकेज की वजह से कार्डियक डैमेज हो रहा है। कार्डियोलॉजिस्ट्स (हृदय रोग विशेषज्ञों) के अनुसार, लगभग 20% से 45% हार्ट अटैक साइलेंट श्रेणी के होते हैं।

साइलेंट हार्ट अटैक के 5 मुख्य चेतावनी संकेत (Warning Signs)

डॉक्टरों के अनुसार, शरीर साइलेंट हार्ट अटैक आने से पहले कुछ सूक्ष्म संकेत (Warning Signs) देता है, जिन्हें अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या काम की थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं:

  1. अचानक अत्यधिक थकान और कमजोरी (Unusual Fatigue): बिना किसी भारी शारीरिक काम या कसरत के अचानक बहुत ज्यादा थकावट महसूस होना या सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलना इसका पहला संकेत हो सकता है।

  2. पेट के ऊपरी हिस्से या जबड़े/गर्दन में खिंचाव (Upper Body Discomfort): सीने के बजाय पेट के ऊपरी हिस्से (नाभि से ऊपर), पीठ के ऊपरी हिस्से, जबड़े, गर्दन या कंधों में हल्का खिंचाव, भारीपन या सुन्नता महसूस होना।

  3. अपच, मितली और एसिडिटी जैसी जलन (Indigestion / Heartburn): पेट में गैस, मरोड़, उबकाई (Nausea) आना या सीने के निचले हिस्से में खट्टी डकारें/जलन महसूस होना, जो एंटासिड (गैस की दवा) लेने के बाद भी ठीक न हो।

  4. बिना वजह ठंडा पसीना आना (Cold Sweating): बिना किसी गर्मी या वर्कआउट के अचानक शरीर से ठंडा पसीना (Cold Sweats) छूटने लगना और चक्कर या सिर भारी महसूस होना।

  5. सांस लेने में हल्की तकलीफ (Shortness of Breath): आराम से बैठे रहने के दौरान भी ऐसा महसूस होना जैसे फेफड़ों को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।

किन लोगों को होता है साइलेंट हार्ट अटैक का सबसे ज्यादा खतरा?

  • डायबिटीज (Diabetes) के मरीज: शुगर के मरीजों में 'नर्व डैमेज' (Diabetic Neuropathy) के कारण दर्द के सिग्नल दिमाग तक सही से नहीं पहुंच पाते, जिससे उन्हें सीने के दर्द का अहसास नहीं होता।

  • बुजुर्ग और महिलाएं: महिलाओं और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों में साइलेंट हार्ट अटैक के मामले पुरुषों की तुलना में अधिक देखे जाते हैं।

  • हाई बीपी और स्मोकिंग करने वाले: उच्च रक्तचाप (High BP) और सिगरेट/तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों में नसों का कड़ापन (Atherosclerosis) इस खतरे को बढ़ा देता है।

कब और क्या करें?

यदि आपको या आपके आसपास किसी व्यक्ति को अचानक बिना किसी स्पष्ट कारण के अत्यधिक थकान, ठंडा पसीना और पेट या जबड़े में असहज भारीपन महसूस हो, तो इसे साधारण गैस समझने की भूल न करें। तुरंत किसी पास के अस्पताल जाकर ईसीजी (ECG) और ट्रोपोनिन ब्लड टेस्ट (Troponin Test) कराएं। समय रहते पहचान ही साइलेंट हार्ट अटैक में जान बचा सकती है।

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