Monsoon Skin Care: बारिश में अचानक चेहरे पर क्यों बढ़ जाते हैं मुँहासे और दाने? जानें इसके पीछे का विज्ञान और 7 अचूक उपाय

Monsoon Skin Care: बारिश में अचानक चेहरे पर क्यों बढ़ जाते हैं मुँहासे और दाने? जानें इसके पीछे का विज्ञान और 7 अचूक उपाय

कड़कड़ाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी के बाद आसमान में छाए काले बादल और बारिश की ठंडी फुहारें मन को बेहद सुकून देती हैं। लेकिन मौसम का यह यू-टर्न हमारी त्वचा (Skin) के लिए कई नई और गंभीर चुनौतियां खड़ी कर देता है। मॉनसून के आते ही हवा में नमी का स्तर (Humidity Level) अचानक बहुत बढ़ जाता है, जिससे होने वाली चिपचिपी उमस स्किन के प्राकृतिक संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ देती है।

इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी चेहरे पर देखने को मिलती है। कई लोगों को अचानक से चेहरे पर जिद्दी मुहांसे (Pimples/Acne), अत्यधिक ऑयली स्किन और छोटे-छोटे दानों का सामना करना पड़ता है। वैसे तो यह समस्या मुख्य रूप से ऑयली या एक्ने-प्रोन (जिन्हें जल्दी मुहांसे होते हैं) स्किन वालों को ज्यादा परेशान करती है, लेकिन मॉनसून में ड्राई और नॉर्मल स्किन वाले लोग भी इस आफत से अछूते नहीं रहते। आइए जानते हैं कि इस मौसम में आखिर त्वचा पर एक्ने का हमला क्यों बढ़ जाता है और किन आसान आदतों को अपनाकर आप पा सकते हैं एक बेदाग और निखरी त्वचा।

आखिर मॉनसून में क्यों बढ़ जाते हैं मुहांसे? इसके पीछे के 4 मुख्य कारण

मौसम वैज्ञानिकों और त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) के अनुसार, बारिश के दिनों में त्वचा पर मुहांसे आने के पीछे सीधे तौर पर वातावरण में होने वाले बदलाव जिम्मेदार होते हैं:

  • प्रदूषित बारिश का पानी: शुरुआती या लगातार होने वाली बारिश का पानी पूरी तरह शुद्ध नहीं होता। वायुमंडल में मौजूद प्रदूषण, धूल के कण और एसिडिक तत्व बारिश के पानी के साथ मिलकर हमारी त्वचा पर चिपक जाते हैं। इससे स्किन में इरिटेशन, रेडनेस (लालिमा) और छोटे-छोटे दानों की समस्या शुरू हो जाती है।

  • रोमछिद्रों (Skin Ports) का बंद होना: मॉनसून की भारी उमस के कारण हमारे चेहरे के रोमछिद्र सामान्य से अधिक खुल जाते हैं। हवा में तैरती गंदगी, पसीना और प्रदूषण इन खुले पोर्स के अंदर आसानी से समा जाते हैं, जिससे पोर्स ब्लॉक (बंद) हो जाते हैं और वे ब्लैकहेड्स या बड़े मुहांसों का रूप ले लेते हैं।

  • बैक्टीरिया और फंगस का तांडव: अधिक नमी और गर्मी का कॉम्बिनेशन बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद माहौल माना जाता है। इस मौसम में चेहरे पर 'एक्ने वल्गेरिस' नाम के बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जो त्वचा में सूजन और मवाद वाले पिंपल्स का कारण बनते हैं।

  • जंक फूड और समोसे-पकौड़ों का शौक: बारिश होते ही हमारा मन तली-भुनी, मसालेदार और जंक फूड जैसी चीजें खाने का करने लगता है। लेकिन यह ऑयली डाइट हमारे शरीर के अंदर जाकर 'सीबम' (त्वचा का प्राकृतिक तेल) के उत्पादन को दोगुना कर देती है, जिससे चेहरा और ज्यादा तैलीय हो जाता है।

मॉनसून में मुहांसों को जड़ से खत्म करने के 7 आसान और घरेलू उपाय

अगर आप भी इस सीजन में अपनी त्वचा को चमकदार और एक्ने-फ्री रखना चाहते हैं, तो अपने डेली रूटीन में इन 7 छोटी लेकिन बेहद असरदार आदतों को जरूर शामिल करें:

1. चेहरे की गहरी सफाई (Cleansing) को बनाएं नियम

दिन में कम से कम 2 से 3 बार किसी सौम्य (Mild) और pH-बैलेंस वाले फेसवॉश से अपना चेहरा जरूर धोएं। मॉनसून में सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) या नीम वाले फेसवॉश का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है, क्योंकि ये त्वचा से अतिरिक्त तेल को खींचकर बाहर निकाल देते हैं।

2. एंटी-एक्ने टोनर का इस्तेमाल करें

चेहरा धोने के बाद पोर्स को वापस टाइट करने के लिए टोनर लगाना न भूलें। इस मौसम में अल्कोहल-फ्री टोनर, टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) या शुद्ध एलोवेरा और गुलाब जल से बने टोनर का उपयोग करें। यह आपकी स्किन के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करने में मदद करेगा।

3. हफ्ते में दो बार जेंटल एक्सफोलिएशन

त्वचा पर जमा हुई डेड स्किन (मृत कोशिकाओं) और गंदगी को हटाने के लिए सप्ताह में दो बार हल्का स्क्रब या केमिकल एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि अगर चेहरे पर पहले से एक्टिव या दर्दनाक मुहांसे हैं, तो जोर से रगड़ने वाले दानेदार स्क्रब से पूरी तरह बचें, नहीं तो संक्रमण और बढ़ सकता है।

4. मॉइस्चराइज़र लगाना कभी न छोड़ें

कई लोग सोचते हैं कि चेहरा पहले से ही चिपचिपा है, तो मॉइस्चराइज़र की क्या जरूरत है? यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। जब आप त्वचा को नमी नहीं देते, तो दिमाग स्किन को सुखा समझकर और ज्यादा ऑयल बनाने का सिग्नल देता है। इसलिए इस मौसम में वाटर-बेस्ड (Water-based), जेल-फॉर्मूला या नॉन-कॉमेडोजेनिक (Non-Comedogenic) मॉइस्चराइज़र का ही चुनाव करें।

5. बादलों के पीछे छिपी धूप से बचें: सनस्क्रीन है जरूरी

अगर आसमान में घने बादल छाए हैं या बारिश हो रही है, तब भी सूरज की हानिकारक यूवी (UV) किरणें आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले कम से कम SPF 30 या उससे अधिक रेटिंग वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं। मैट-फिनिश (Matte Finish) सनस्क्रीन इस मौसम के लिए सबसे बेस्ट माने जाते हैं।

6. 'नो टच पॉलिसी': चेहरे को बार-बार छूने से बचें

हमारे हाथों पर दिनभर में अनगिनत अदृश्य बैक्टीरिया और कीटाणु जमा होते हैं। जब हम बिना हाथ धोए बार-बार अपने गालों, माथे या ठोड़ी को छूते हैं, तो ये बैक्टीरिया सीधे चेहरे के पोर्स में चले जाते हैं। इसके अलावा, निकले हुए पिंपल्स को कभी भी छुएं या फोड़ें नहीं, अन्यथा उनके दाग हमेशा के लिए चेहरे पर रह जाएंगे।

7. बालों की स्वच्छता पर भी दें विशेष ध्यान

अगर आपके बाल बहुत ज्यादा ऑयली या डैंड्रफ (रूसी) से ग्रसित हैं और वे बार-बार आपके माथे या चेहरे पर आते हैं, तो बालों का वह तेल और बैक्टीरिया आपके चेहरे पर भी एक्ने की बाढ़ ला सकता है। इसलिए हफ्ते में दो से तीन बार बालों को अच्छे एंटी-डैंड्रफ शैम्पू से साफ रखें और उन्हें चेहरे से बांधकर दूर रखें।

एक्सपर्ट टिप: मॉनसून में बाहरी ब्यूटी प्रोडक्ट्स के साथ-साथ अपने शरीर को अंदर से साफ रखना भी जरूरी है। इसके लिए दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें। अगर इन सब सावधानियों के बाद भी आपके मुहांसे लगातार बढ़ रहे हैं, उनमें तेज दर्द है या वे ठीक होने का नाम नहीं ले रहे हैं, तो बिना देर किए किसी अच्छे स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) से मिलकर उचित इलाज शुरू करें।

Latest Posts