Mango for Heart Patients: क्या दिल के मरीजों के लिए नुकसानदायक है आम? एम्स के पूर्व डॉक्टर से जानें सच
गर्मियों के मौसम में आम (Mango) हर किसी का पसंदीदा फल होता है। डायबिटीज के मरीजों को अक्सर आम का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा आम खाना दिल के मरीजों (Heart Patients) के लिए भी जोखिम भरा साबित हो सकता है?
एम्स (AIIMS) के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ. बिमल छाजेड़ (Dr. Bimal Chhajer) के अनुसार, आम में फ्रुक्टोज (प्राकृतिक शुगर) और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होते हैं। यदि इसका अत्यधिक सेवन किया जाए—खासकर आमरस, शेक या जूस के रूप में—तो यह ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है, जो दिल की बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है।
आम में मौजूद पोषक तत्व (Nutritional Value)
अगर सीमित मात्रा में खाया जाए तो आम दिल और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है:
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विटामिन C और A: इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को स्वस्थ रखते हैं।
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पोटैशियम: ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और फ्लूइड बैलेंस बनाने में मदद करता है।
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डाइटरी फाइबर: पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहायक है।
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मैंगीफेरिन (Mangiferin - पॉलीफेनॉल्स): यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करता है।
दिल और डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों जोखिम भरा है ज्यादा आम?
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ट्राइग्लिसराइड्स और वजन का बढ़ना: आम में सीधे तौर पर कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड नहीं होता, लेकिन इसका अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा करता है, जिससे वजन और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं।
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हाई ब्लड शुगर: 100 ग्राम आम के गूदे में लगभग 100 कैलोरी होती है। आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 60 होता है, जो मध्यम श्रेणी में आता है। अनियंत्रित मात्रा में खाने से शुगर लेवल स्पाइक कर सकता है।
मैंगो शेक, जूस और डेजर्ट से क्यों बचें?
डॉक्टर के मुताबिक, साबुत फल खाने की तुलना में मैंगो जूस, शेक या आमरस बेहद नुकसानदायक होते हैं:
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फाइबर का खत्म होना: जूस या शेक बनाने से आम का प्राकृतिक फाइबर खत्म हो जाता है।
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शुगर का तेजी से अवशोषण: बिना फाइबर के फ्रुक्टोज रक्त में बहुत तेजी से घुलता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है।
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अतिरिक्त कैलोरी: शेक में दूध और ऊपर से मिलाई गई चीनी शरीर में फैट जमा करती है।
आम खाने का सही तरीका और सही समय
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मात्रा (Portion Control): एक बार में केवल 100 से 150 ग्राम (लगभग आधा आम) खाना ही पर्याप्त है।
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सही समय: आम का सेवन दिन में स्नैक्स के रूप में करें। देर रात आम खाने से बचें, क्योंकि रात में मेटाबॉलिज्म धीमा होता है।
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प्रोटीन/फाइबर के साथ खाएं: आम को पूरे फल के रूप में चबाकर खाएं और चाहें तो इसके साथ कुछ मेवे (Badam/Walnuts) लें, ताकि शुगर स्पाइक न हो।
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सामान्य लोगों के लिए: जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है और वजन कंट्रोल में है, वे दिन में 1 से 2 आम आसानी से खा सकते हैं।
किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?
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अनियंत्रित डायबिटीज (Uncontrolled Diabetes) के मरीज।
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जिनका ट्राइग्लिसराइड लेवल बहुत हाई रहता हो।
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जो लोग सख्त वेट लॉस (Weight Loss) डाइट पर हों।
(नोट: जिन लोगों का ब्लड शुगर, वजन और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित है, वे अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से सीमित मात्रा में ताजा आम का आनंद ले सकते हैं।)