क्या बार-बार बाल झड़ना शरीर में जिंक की कमी का है संकेत? जानें बालों के टूटने की असली वजह और इसके मुख्य लक्षण
आज के दौर में बाल झड़ने (Hair Fall) की समस्या एक बेहद आम और गंभीर चिंता बन चुकी है. बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता मानसिक तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण और हॉर्मोनल असंतुलन जैसी कई वजहों से लोग लगातार हेयर फॉल की शिकायत करते हैं. हालांकि, कई बार हम यह भूल जाते हैं कि बालों का बार-बार झड़ना सिर्फ बाहरी कारणों (जैसे शैम्पू या पानी) से नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी का भी अलार्म हो सकता है. इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जिंक (Zinc), जिसकी कमी को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं.
बालों की सेहत के लिए क्यों जरूरी है जिंक?
जिंक एक अत्यंत आवश्यक मिनरल (Essential Mineral) है, जो हमारे शरीर में बालों की वृद्धि, त्वचा की चमक, घावों को भरने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और कोशिकाओं के विकास में अहम भूमिका निभाता है.
-
हेयर फॉलिकल्स को रखे मजबूत: 'क्लीवलैंड क्लिनिक' (Cleveland Clinic) की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिंक बालों के हेयर फॉलिकल्स (बालों की जड़ों) को स्वस्थ बनाए रखने और नए बालों को उगाने के लिए बेहद जरूरी है.
-
कमजोर होकर टूटते हैं बाल: जब शरीर में जिंक का स्तर गिरने लगता है, तो बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं और बाल सामान्य से कहीं अधिक तेजी से झड़ने लगते हैं.
नोट: हालांकि, सिर्फ बाल झड़ने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपके शरीर में केवल जिंक की ही कमी है. हेयर फॉल के पीछे अत्यधिक तनाव, थायरॉयड, आयरन (एनीमिया) व विटामिन-डी की कमी और हॉर्मोनल बदलाव भी मुख्य वजह हो सकते हैं.
किन्हें होता है जिंक की कमी का सबसे ज्यादा खतरा?
-
शाकाहारी लोग (Vegetarians): चूंकि जिंक के सबसे बड़े स्रोत मुख्य रूप से नॉन-वेज फूड्स में पाए जाते हैं.
-
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं: इस दौरान महिलाओं के शरीर को सामान्य से अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है.
-
पाचन संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज: जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है, उनका शरीर भोजन से जिंक को पूरी तरह एब्जॉर्ब (सोख) नहीं पाता.
-
बुजुर्ग व्यक्ति: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में मिनरल्स का अवशोषण कम हो जाता है.
जिंक की कमी होने पर शरीर में दिखते हैं ये 6 अन्य लक्षण
अगर आपके शरीर में जिंक की पर्याप्त मात्रा नहीं है, तो बाल झड़ने के अलावा आपको नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो सकते हैं:
-
त्वचा पर बार-बार रैशेज, मुंहासे या सूखापन होना.
-
किसी भी चोट या घाव (Wounds) का सामान्य से बहुत देरी से ठीक होना.
-
रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना, जिससे व्यक्ति बार-बार सर्दी-खांसी या संक्रमण की चपेट में आ जाता है.
-
जीभ का स्वाद (Taste) बदलना और सूंघने की क्षमता (Smell) में अचानक कमी आना.
-
भूख बेहद कम लगना और हर वक्त थकान महसूस होना.
-
बच्चों में शारीरिक वृद्धि, लंबाई और मानसिक विकास का रुक जाना या धीमा होना.
जिंक की कमी को प्राकृतिक रूप से कैसे करें पूरा?
नॉन-वेजिटेरियन लोगों के लिए सबसे बेस्ट सोर्स:
यदि आप मांसाहारी हैं, तो अपनी डाइट में रेड मीट, अंडे और सी-फूड्स (विशेषकर ऑयस्टर और मछलियां) शामिल करें. इसके अलावा दूध, पनीर और दही जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स भी जिंक के बेहतरीन स्रोत हैं.
शाकाहारी (Vegetarian) लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प:
शाकाहारी लोग अपने भोजन में निम्नलिखित चीजों को शामिल करके जिंक की दैनिक जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं:
-
दालें और फलियां: अरहर, मूंग, उड़द की दाल, छोले, राजमा और काले चने.
-
नट्स और सीड्स: कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), तिल, अलसी के बीज, काजू और बादाम.
-
साबुत अनाज: ओट्स, बाजरा, भूरा चावल (Brown Rice) और पूरी कनक का आटा.
डॉक्टर की सलाह है बेहद जरूरी
यदि आपको लंबे समय से गंभीर हेयर फॉल हो रहा है और शरीर में ऊपर दिए गए लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें. डॉक्टर एक साधारण ब्लड टेस्ट के जरिए शरीर में जिंक के स्तर की जांच करेंगे. यदि जांच में जिंक की गंभीर कमी पाई जाती है, तो डॉक्टर की देखरेख में ही जिंक सप्लीमेंट्स (Zinc Supplements) का कोर्स शुरू करें. ध्यान रहे, बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से जिंक की गोलियां खाना सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, क्योंकि शरीर में जिंक की अत्यधिक मात्रा भी अन्य मिनरल्स के संतुलन को बिगाड़ सकती है.