सुबह के नाश्ते में शामिल करें सूजी से बनी ये 5 झटपट और हेल्दी रेसिपीज, दिनभर शरीर को मिलेगी भरपूर एनर्जी
सुबह का नाश्ता हमारे दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है. एक पौष्टिक और संतुलित ब्रेकफास्ट न केवल हमारे मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है, बल्कि शरीर को दिनभर एक्टिव रहने के लिए जरूरी ऊर्जा (Energy) भी प्रदान करता है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर ऐसे नाश्ते के विकल्प तलाशते हैं जो सेहतमंद होने के साथ-साथ मिंटों में तैयार हो जाएं. 'सूजी' (Semolina) रसोई में मौजूद एक ऐसी ही बेहतरीन सामग्री है, जिससे बेहद कम समय में कई तरह के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं.
पोषक तत्वों से भरपूर है सूजी
सूजी में मुख्य रूप से कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जो शरीर को धीरे-धीरे और लंबे समय तक एनर्जी देता है. इसके अलावा इसमें सीमित मात्रा में प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, फोलेट और विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स जैसे जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स भी मौजूद होते हैं. अगर सूजी को सही तरीके से सब्जियों और दही के साथ मिलाकर पकाया जाए, तो यह एक कम्पलीट और परफेक्ट वेट-लॉस डाइट का हिस्सा बन सकती है.
सूजी से बनने वाले 5 झटपट और टेस्टी ब्रेकफास्ट विकल्प
1. वेजी सूजी उपमा (Suji Upma)
उपमा दक्षिण भारत का एक पारंपरिक और बेहद हल्का नाश्ता है.
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बनाने का तरीका: सबसे पहले सूजी को सूखा (बिना तेल के) हल्का भून लें. अब एक पैन में आधा चम्मच तेल गरम करके राई, करी पत्ता, हरी मिर्च, बारीक कटा प्याज और अपनी पसंदीदा सब्जियां (जैसे मटर, गाजर, बीन्स) भूनें. इसके बाद पानी और भुनी हुई सूजी डालकर गाढ़ा होने तक पकाएं.
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फायदा: यह फाइबर, विटामिन्स और कार्बोहाइड्रेट का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है, जो लंबे समय तक आपके पेट को भरा रखता है और असमय होने वाली फूड क्रेविंग को रोकता है.
2. इंस्टेंट सूजी चीला (Suji Cheela)
यदि आप सुबह के वक्त रोटी-सब्जी बनाने के झंझट से बचना चाहते हैं, तो सूजी का चीला सबसे बेस्ट ऑप्शन है.
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बनाने का तरीका: सूजी में ताजा दही, थोड़ा सा पानी, कद्दूकस की हुई गाजर, बारीक कटी शिमला मिर्च, प्याज, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक मिलाकर एक गाढ़ा बैटर (घोल) तैयार करें. इसे नॉन-स्टिक तवे पर बिल्कुल कम तेल या घी के साथ दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें.
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फायदा: यह नाश्ता विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और बच्चों के लंच बॉक्स के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है.
3. सॉफ्ट सूजी इडली (Suji Idli)
पारंपरिक चावल की इडली बनाने में समय लगता है, लेकिन सूजी की इडली मात्र 15 मिनट में तैयार हो जाती है.
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बनाने का तरीका: सूजी और दही को बराबर मात्रा में मिलाकर 10 मिनट के लिए रख दें. इसके बाद बैटर में थोड़ा पानी और एक चुटकी ईनो (Eno) या बेकिंग सोडा मिलाकर इडली के सांचे में डालकर 10-12 मिनट के लिए स्टीम (भाप में) कर लें. इसे नारियल या पुदीने की हरी चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें.
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फायदा: भाप में पके होने के कारण यह डिश पूरी तरह ऑयल-फ्री होती है. यह पेट के लिए बेहद हल्की और आसानी से पचने वाली मानी जाती है.
4. कलरफुल सूजी उत्तपम (Suji Uttapam)
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बनाने का तरीका: इसके लिए भी आपको सूजी और दही का गाढ़ा घोल तैयार करना होगा. इस घोल को तवे पर थोड़ा मोटा फैलाएं और ऊपर से बारीक कटे टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च और बारीक कटी मिर्च डालकर दबा दें. दोनों तरफ से हल्का तेल लगाकर अच्छे से सेक लें.
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फायदा: सब्जियों की टॉपिंग के कारण यह डिश दिखने में जितनी आकर्षक लगती है, सेहत के लिहाज से उतनी ही शानदार होती है क्योंकि इससे भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर और मिनरल्स मिलते हैं.
5. स्टीम्ड वेज सूजी ढोकला (Suji Dhokla)
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बनाने का तरीका: सूजी, दही और पानी के घोल में कद्दूकस की हुई गाजर और शिमला मिर्च मिलाएं. इसमें ईनो डालकर थाली या ढोकला मेकर में 15 मिनट के लिए भाप में पकाएं. पकने के बाद इसके ऊपर राई, सफेद तिल और करी पत्ते का हल्का सा तड़का लगाएं.
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फायदा: यह कम तेल में बनने वाली एक अत्यधिक पौष्टिक और स्पंजी डिश है, जो वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों के लिए सबसे उत्तम ब्रेकफास्ट है.
सूजी का नाश्ता बनाते समय इन 4 बातों का जरूर रखें ध्यान
सूजी से बने व्यंजनों का अधिकतम स्वास्थ्य लाभ उठाने के लिए कुकिंग के दौरान इन बातों को कभी न भूलें:
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ड्राई रोस्टिंग (Dry Roasting): सूजी का इस्तेमाल करने से पहले उसे हमेशा कड़ाही में बिना तेल या घी के हल्का सा भून लें. ऐसा करने से डिश का स्वाद और टेक्सचर (बनावट) दोनों काफी बेहतर हो जाते हैं और वह चिपचिपी नहीं बनती.
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सब्जियों का अधिक उपयोग: सूजी के व्यंजनों को और ज्यादा न्यूट्रिशियस (पौष्टिक) बनाने के लिए उसमें तेल-मसालों की मात्रा कम रखें और अधिक से अधिक मौसमी हरी सब्जियों, पनीर या उबले हुए अंकुरित अनाजों को शामिल करें.
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सही स्टोरेज: हमेशा अच्छी ब्रांड और पैक्ड सूजी का ही इस्तेमाल करें. सूजी को हमेशा एयर-टाइट कंटेनर में सूखी जगह पर रखें. इस्तेमाल से पहले जांच लें कि उसमें कोई नमी, जाले या कीड़े न हों.
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सीमित और संतुलित मात्रा: हालांकि सूजी सेहतमंद है, लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है. इसलिए इसका सेवन हमेशा सीमित और संतुलित मात्रा में ही करें.