Alcohol Side Effects: हफ्ते में सिर्फ एक दिन शराब पीना कितना सुरक्षित? डॉक्टर से जानिए 60ml का हैरान करने वाला गणित
शराब या अल्कोहल के सेवन को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। बहुत से लोग यह मानते हैं कि रोज-रोज पीने वाले ही बीमार होते हैं, जबकि हफ्ते में सिर्फ एक बार या कभी-कभार वीकेंड पर शराब पीना बिल्कुल सुरक्षित है। लेकिन मेडिकल साइंस और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सच कुछ और ही कहता है। असलियत यह है कि कभी-कभार की गई ड्रिंकिंग भी आपके शरीर के अंदरूनी अंगों पर सीधा असर डाल सकती है। यह नुकसान कितना गंभीर होगा, यह पूरी तरह से आपकी उम्र, पहले से चली आ रही बीमारियों, लाइफस्टाइल और सबसे जरूरी बात कि आप एक बार में कितनी मात्रा में पी रहे हैं, उस पर निर्भर करता है।
हाल ही में मशहूर 'Healthyy Podcast' में वजन और कैलोरी को लेकर एक बेहद आंखें खोल देने वाला गणित समझाया गया है। इस पॉडकास्ट के अनुसार, जो लोग वजन घटाने के लिए हफ्तेभर कड़ा परहेज करते हैं, वे वीकेंड पर अक्सर यह सोचकर धोखा खा जाते हैं कि एक दिन पीने से क्या होगा। उदाहरण के लिए, अगर आप सिर्फ दो बियर पीते हैं और साथ में चखने के तौर पर कुछ फ्राइड स्नैक्स खा लेते हैं, तो इतने भर से ही आपके शरीर में करीब 1200 कैलोरी चली जाती हैं। जबकि एक सामान्य इंसान को पूरे दिन में कुल 1600 कैलोरी की जरूरत होती है। इसका सीधा मतलब यह है कि आपने पूरे हफ्ते मेहनत करके जितनी कैलोरी बचाई थी, वह सिर्फ एक ही शाम की पार्टी में पूरी तरह बर्बाद हो गई।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट: जानिए क्या है शराब की 'सुरक्षित मात्रा' का सच
अंबाला स्थित पूजा सुपर स्पेशलिटी क्लिनिक के सीनियर डॉक्टर दीपक सहोता इस विषय पर बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक जानकारी देते हैं। डॉ. दीपक सहोता के अनुसार, यदि कोई पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति सप्ताह में सिर्फ एक बार और वह भी लगभग 60 मिलीलीटर (60ml) तक सीमित मात्रा में शराब लेता है, तो अधिकांश लोगों के लिए इसे अपेक्षाकृत सुरक्षित श्रेणी में माना जा सकता है।
हालांकि, डॉक्टर सहोता इसके साथ ही एक बड़ी चेतावनी भी देते हैं। वे कहते हैं कि "कम मात्रा" का मतलब यह कतई नहीं है कि आपके स्वास्थ्य का जोखिम पूरी तरह से खत्म हो गया है। अगर आप हफ्ते में भले ही सिर्फ एक बार पी रहे हों, लेकिन उस एक दिन भी अगर आपने लिमिट पार कर दी यानी जरूरत से ज्यादा पी ली, तो वह आपके शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों पर अचानक बहुत भारी दबाव डाल देता है।
संडे टू संडे पीने वालों के लिए सबसे बड़ा विलेन है 'बिंज ड्रिंकिंग'
जो लोग हफ्तेभर खुद पर काबू रखते हैं और किसी एक दिन (जैसे शनिवार या रविवार की रात) कम समय के भीतर बहुत ज्यादा मात्रा में शराब गटक जाते हैं, मेडिकल साइंस में इस आदत को 'बिंज ड्रिंकिंग' (Binge Drinking) कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आदत रोज थोड़ी-थोड़ी पीने से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। अचानक इतनी भारी मात्रा में अल्कोहल शरीर के अंदर जाने से लिवर का पूरा सिस्टम बैठ सकता है, दिल की धड़कनें अनियमित हो सकती हैं और गंभीर मामलों में यह अचानक कार्डियक अरेस्ट या जान जाने का कारण भी बन सकती है। भले ही यह आदत हफ्ते में सिर्फ एक दिन की हो, लेकिन यह शरीर के पूरे बायोलॉजिकल बैलेंस को बिगाड़ देती है।
लिवर, किडनी और पेट के पाचन तंत्र पर कैसे होता है सीधा हमला
लिवर और किडनी पर असर: हमारे शरीर में पहुंचने वाली शराब को फिल्टर करने और उसे तोड़ने का मुख्य काम हमारा लिवर ही करता है। जब आप नियमित रूप से या फिर सप्ताह में एक बार भी भारी मात्रा में शराब पीते हैं, तो लिवर की कोशिकाओं पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा करने से धीरे-धीरे 'फैटी लिवर' की समस्या शुरू हो जाती है, जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस में बदल सकती है। इसके अलावा शराब शरीर के जरूरी पानी को सोख लेती है जिससे डिहाइड्रेशन होता है। पानी की कमी के चलते किडनी को खून साफ करने में दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
हार्ट और ब्लड प्रेशर की समस्या: अल्कोहल का सीधा और बहुत बुरा असर हमारे कार्डियोवैस्कुलर (हृदय) सिस्टम पर पड़ता है। शराब पीते ही शरीर का ब्लड प्रेशर अचानक से बढ़ सकता है। सबसे खतरनाक स्थिति तब पैदा होती है जब लोग शराब के साथ-साथ सिगरेट या कबाड़ जैसे धूम्रपान भी करने लगते हैं। ऐसा करने से हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
नींद और डाइजेशन का कबाड़ा: बहुत से लोगों को लगता है कि शराब पीने के बाद नींद बहुत अच्छी आती है। डॉक्टरों के मुताबिक यह सिर्फ एक भ्रम है। शराब पीने के बाद व्यक्ति बेहोशी जैसी हालत में जल्दी सो तो जाता है, लेकिन वह कभी भी गहरी और आरामदायक नींद (REM Sleep) नहीं ले पाता। यही वजह है कि ड्रिंक करने के अगले दिन इंसान को भारी थकान, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन महसूस होता है। इसके साथ ही, ज्यादा शराब पेट में एसिडिटी, सीने में भयानक जलन और गैस्ट्रिक अल्सर जैसी बीमारियां पैदा करती है। गंभीर मामलों में आंतों में सूजन आ जाती है और अंदरूनी ब्लीडिंग भी शुरू हो सकती है।
इन लोगों को तो शराब की एक बूंद भी छूने की मनाही है
मेडिकल गाइडलाइंस के मुताबिक कुछ ऐसी स्थितियां और बीमारियां हैं जिनमें कभी-कभार भी पीना मौत को दावत देने जैसा है। गर्भवती महिलाओं को शराब से पूरी तरह दूर रहना चाहिए क्योंकि यह सीधे पेट में पल रहे बच्चे के दिमाग को नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा जो लोग पहले से ही लिवर, किडनी या दिल की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिन्हें डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याएं हैं, या जो किसी गंभीर बीमारी की नियमित दवाएं ले रहे हैं—उन्हें शराब से तौबा कर लेनी चाहिए। साथ ही, शराब पीकर गाड़ी चलाना न सिर्फ कानूनी जुर्म है बल्कि खुद की और दूसरों की जान के साथ खिलवाड़ है।