UPSC परीक्षा में 76वीं रैंक लाने वाला चमकीला सितारा भ्रष्टाचार के दलदल में फंसा
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास करना देश के लाखों युवाओं का सपना होता है और इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अधिकारी को समाज में बहुत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। लेकिन प्रशासनिक सेवा की गरिमा को तार-तार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया 76वीं रैंक हासिल करने वाले एक तेज-तर्रार और युवा अधिकारी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। अपनी प्रशासनिक कार्यकुशलता और शानदार सफलता के लिए कभी चर्चा में रहने वाले इस अफसर के इस तरह भ्रष्टाचार के जाल में फंसने से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
सीबीआई का बड़ा ट्रैप और रिश्वतखोरी का पूरा काला खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला एक प्रशासनिक कार्य के एवज में अवैध वसूली से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी द्वारा किसी कार्य को निपटाने के लिए 4 लाख रुपए की मोटी रिश्वत की डिमांड की गई थी। पीड़ित व्यक्ति ने जब इस बात की शिकायत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से की, तो एजेंसी ने बिना किसी देरी के एक गुप्त और पुख्ता रणनीति तैयार की। सीबीआई की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया और जैसे ही आरोपी अफसर ने रिश्वत की पहली या पूरी किस्त अपने हाथ में ली, केंद्रीय जांच एजेंसी ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से आरोपी अधिकारी संभल भी नहीं पाया और उसके होश उड़ गए।
76वीं रैंक से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक का सफर और दागदार हुई खाकी
चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले इस अधिकारी ने जब यूपीएससी क्रैक किया था, तब उनके परिवार और इलाके में जश्न का माहौल था। इतनी बेहतरीन रैंक (76th Rank) लाकर देश की सेवा करने का संकल्प लेने वाले एक युवा अफसर का इस तरह से भ्रष्टाचार के मामलों में संलिप्त पाया जाना देश के ईमानदार प्रशासनिक ढांचे पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। आम नागरिकों के बीच अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर कैसे ऊंचे पदों पर बैठे लोग चंद पैसों के लालच में अपनी पूरी मेहनत, करियर और भविष्य को दांव पर लगा देते हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश और आगे की कानूनी कार्रवाई
सीबीआई द्वारा की गई इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई के बाद से प्रशासनिक अमले में भ्रष्टाचार करने वाले अन्य तत्वों के बीच भी खौफ का माहौल पैदा हो गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेल में इस अधिकारी के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या पहले भी इस तरह के मामलों में अवैध वसूली की गई है। आरोपी अधिकारी से गहन पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और पद चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भ्रष्टाचार का अंत आखिरकार जेल की सलाखों के पीछे ही होता है।