Sonipat Crime News: सोनीपत में बेखौफ चोरों ने ट्रांसफार्मर को बनाया निशाना, अंधेरे में डूबा परिवार लेकिन पुलिस की सुस्ती ने बढ़ाई मुसीबत
हरियाणा के सोनीपत में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे आम जनता के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को भी निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला सोनीपत के औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव से सामने आया है, जहां चोरों ने बिजली के ट्रांसफार्मर पर हाथ साफ कर दिया। इस चोरी की वारदात के बाद उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के सब-डिवीजन औद्योगिक क्षेत्र के एसडीओ (SDO) ने खुद कड़ा रुख अपनाते हुए थाना सदर पुलिस को लिखित शिकायत देकर चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस चोरी के कारण स्थानीय उपभोक्ता के घर की बत्ती गुल है और पूरा परिवार परेशान है।
बिजली निगम के एसडीओ कार्तिक रोहिल्ला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सोनीपत के गांव हरसाना कलां के रहने वाले पीड़ित उपभोक्ता मुकेश कुमार के घर के पास लगे ट्रांसफार्मर को चोरों ने अपना निशाना बनाया। मुकेश कुमार ने सबसे पहले दो मार्च को विभाग को लिखित में ट्रांसफार्मर से सामान चोरी होने की सूचना दी थी। इसके बाद से ही विभाग और पीड़ित परिवार लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई है।
चोरों ने उड़ाया हजारों का सामान, बिजली निगम को भारी चपत
एसडीओ कार्तिक रोहिल्ला के मुताबिक, शातिर चोरों ने बड़ी ही चालाकी से ट्रांसफार्मर को खोलकर उसके भीतर से बेहद कीमती और जरूरी पार्ट्स निकाल लिए। चोरों ने ट्रांसफार्मर से तीन एसटी राड, चार एलटी राड और इसके साथ ही करीब पांच मीटर लंबा कॉपर वायर (तांबे का तार) काटकर उड़ा लिया। बिजली निगम के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस चोरी की वजह से विभाग को सीधे तौर पर लगभग 55 हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है। सामान चोरी होने के बाद से ही वह ट्रांसफार्मर पूरी तरह से ठप और कबाड़ में तब्दील हो चुका है।
एक हफ्ते बाद दोबारा शिकायत, पर पुलिस की सुस्ती बरकरार
इस मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात पुलिस प्रशासन का ढुलमुल रवैया है। पीड़ित उपभोक्ता मुकेश कुमार ने दो मार्च के बाद एक बार फिर नौ मार्च को भी थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, ताकि पुलिस मामले की गंभीरता को समझे। इसके बावजूद कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने अभी तक इस मामले में एफआईआर (मुकदमा) दर्ज नहीं की है। पुलिस की इसी सुस्ती की वजह से अब सरकारी काम भी अटक गया है, जिससे जनता की परेशानी दोगुनी हो गई है।
बिजली निगम के अधिकारियों ने अब थाना सदर पुलिस के उच्च अधिकारियों से दोटूक मांग की है कि इस चोरी के मामले में बिना किसी देरी के जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज किया जाए। एसडीओ ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुलिस में आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज नहीं हो जाता, तब तक नियमों के मुताबिक वहां नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सकता। बिजली निगम का कहना है कि जैसे ही पुलिस एफआईआर की कॉपी देगी, तुरंत नया ट्रांसफार्मर लगाकर पीड़ित उपभोक्ता के घर की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अब देखना यह होगा कि विभाग की इस खिंचाई के बाद सोनीपत पुलिस कब जागती है।