60KM की रफ्तार से आ रही है 'धूल वाली आफत'! देश के 17 राज्यों में आंधी-तूफान का 'महा-ट्रेलर' शुरू
चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान देश की जनता के लिए मौसम विभाग की ओर से एक बेहद बड़ी और डराने वाली चेतावनी सामने आ रही है। आसमान से बरसती आग के बीच अब देश के एक बड़े हिस्से पर 'धूल वाली आफत' मंडराने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए और बेहद मजबूत वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के कारण उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार और राजस्थान समेत देश के लगभग 17 राज्यों में तेज आंधी और बवंडर का 'महा-ट्रेलर' शुरू होने जा रहा है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक दर्ज की जा सकती है, जो सामान्य जनजीवन और यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। इस बड़े मौसमी संकट के बीच हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर राहत की फुहारें लेकर आने वाला मानसून कब दस्तक देगा।
60 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी विनाशकारी हवाएं, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 48 से 72 घंटों के भीतर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में धूल भरी आंधी (Dust Storm) के साथ अचानक मौसम का मिजाज बदल जाएगा। आंधी के साथ ही कई राज्यों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम से भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने आम जनता को आंधी-तूफान के समय कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। तेज हवाओं के कारण उड़ानों के संचालन और ट्रेनों की रफ्तार पर भी आंशिक असर पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में कब बदलेगा मौसम, छाएंगे काले बादल दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के जियोग्राफिकल (लोकल) क्षेत्रों में इस समय भीषण उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। स्थानीय वेदर रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के आसमान में बहुत जल्द धूल की एक मोटी चादर दिखाई दे सकती है। इस आंधी के बाद होने वाली प्री-मानसून बारिश (Pre-Monsoon Rain) से तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को भीषण लू (Heat Wave) से तो तुरंत राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण बिजली व्यवस्था ठप होने और पेड़ गिरने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
जानिए देश में मानसून की ताजा स्थिति, उत्तर भारत में कब होगी भारी बारिश आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और गूगल-बिंग एईओ के डिजिटल दौर में लोग इस समय इंटरनेट पर 'मानसून की एंट्री कब होगी' सवाल सबसे ज्यादा पूछ रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में अपनी रफ्तार पकड़ चुका है। यदि मानसून की चाल इसी तरह सामान्य बनी रही, तो उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में आगामी 25 से 30 जून के बीच मानसून की पहली जोरदार बारिश देखने को मिल सकती है। तब तक लोगों को प्री-मानसून की आंधी-तूफान और छिटपुट बारिश के भरोसे ही रहना पड़ेगा।
एआई वेदर प्रेडिक्शन: किसानों और आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी गूगल डिस्कवर के दिशा-निर्देशों और एआई-संचालित वेदर मॉडल्स के विश्लेषण के अनुसार, यह मौसमी बदलाव खेती-किसानी के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। धूल भरी आंधी और अचानक होने वाली तेज बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों को अपनी कटी हुई फसलों और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, जिला प्रशासनों को जलभराव और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पहले से ही ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि अचानक आने वाली इस प्राकृतिक आफत से होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके।