हरियाणा की जेल में बंद हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत! सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

हरियाणा की जेल में बंद हवालाती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत! सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

हरियाणा से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करने वाली सनसनीखेज खबर सामने आई है। राज्य की एक जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी (हवालाती) की अचानक तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हवालाती को सीने में तेज दर्द (Chest Pain) उठा था, जिसके बाद जेल अधिकारियों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। हालाँकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकेगी और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक की गिरफ्तारी महज तीन दिन पहले ही हुई थी और इतनी जल्दी जेल के भीतर हुई इस घटना ने प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है।

महज तीन दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी, अचानक बिगड़ी तबियत

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक को किसी मामले में गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन पहले ही न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेजा गया था। जेल के अंदर आने के शुरुआती दिनों में ही अचानक उसके सीने में असहनीय दर्द और घबराहट की शिकायत शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जेल मेडिकल स्टाफ ने तुरंत उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी और उसे आपातकालीन स्थिति में जेल से अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू कर दिया, लेकिन कार्डियक अरेस्ट या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

न्यायिक जांच के घेरे में जेल प्रशासन, परिवार ने उठाए गंभीर सवाल

इस अचानक हुई मौत के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों ने जेल प्रशासन की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। परिवार वालों का आरोप है कि गिरफ्तारी के समय युवक पूरी तरह स्वस्थ था, ऐसे में महज तीन दिन के भीतर जेल के अंदर उसकी ऐसी हालत कैसे हो गई। इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं। नियमानुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।

स्थानीय कानून व्यवस्था और जेल सुरक्षा पर उठ रहे बड़े सवाल

भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखें तो हरियाणा की जेलों में कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के दावों की इस घटना ने पोल खोलकर रख दी है। जेल के भीतर बंदियों की लगातार हो रही इस तरह की मौतों ने मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय नागरिकों को भी चिंतित कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर जेल मैनुअल और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है।

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