पानीपत रिफाइनरी में तेल का खेल: ऑटोमेशन सिस्टम हैक कर की जा रही थी डीजल की बड़ी चोरी, 5 पर FIR दर्ज
हरियाणा की प्रतिष्ठित पानीपत रिफाइनरी से डीजल चोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा और तकनीकी सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। रिफाइनरी के अंदर से लंबे समय से डीजल की तस्करी की जा रही थी। शातिर आरोपियों ने रिफाइनरी के अत्याधुनिक 'ऑटोमेशन सिस्टम' (Automation System) के साथ तकनीकी छेड़छाड़ कर इस पूरी चोरी को अंजाम दिया। इस मामले में प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने पांच संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जिससे रिफाइनरी परिसर में हड़कंप मच गया है।
कैसे पकड़ी गई डीजल की यह बड़ी हेराफेरी?
सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी का ऑटोमेशन सिस्टम तेल की लोडिंग और अनलोडिंग का पूरा हिसाब रखता है। आरोपियों ने इस सिस्टम के सॉफ्टवेयर के साथ टेंपरिंग (Tampering) की थी, ताकि डीजल की कम रीडिंग दिखे और अतिरिक्त तेल आसानी से बाहर निकाला जा सके। जब रिफाइनरी के ऑडिट के दौरान स्टॉक और सेल्स के आंकड़ों में भारी विसंगति (Discrepancy) पाई गई, तो सुरक्षा टीम ने अपनी जांच तेज की। आंतरिक जांच में जब सिस्टम में छेड़छाड़ के सबूत मिले, तो प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।
5 कर्मचारियों पर गिरी गाज, पुलिस कर रही पूछताछ
प्राथमिक जांच के आधार पर रिफाइनरी प्रशासन ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इनमें से कुछ रिफाइनरी के भीतर काम करने वाले तकनीकी कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जिनकी सिस्टम तक पहुंच थी। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क के पीछे किसी बड़े बाहरी गिरोह का भी हाथ है। रिफाइनरी की सुरक्षा टीम भी अपने स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
टेक्नोलॉजी और सुरक्षा: क्या है रिफाइनरी का रिस्क?
पानीपत रिफाइनरी जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों में ऑटोमेशन सिस्टम का उपयोग सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए किया जाता है। ऐसे में सिस्टम के साथ छेड़छाड़ होना गंभीर साइबर और सुरक्षा खतरा माना जाता है। जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रिफाइनरी को अब अपने 'डिजिटल ऑडिट' और 'एक्सेस कंट्रोल' को और अधिक सख्त बनाने की आवश्यकता है। यह घटना औद्योगिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी है।
स्थानीय प्रशासन और जांच का अगला कदम
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अन्य तेल डिपो और ऑटोमेटेड लोडिंग सेंटर्स की भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि डीजल चोरी का यह खेल काफी समय से चल रहा था, जिसे अब जाकर पकड़ा गया है। पुलिस अब उन सभी लॉग फाइल्स और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है जो ऑटोमेशन रूम से जुड़ी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही पूरे रैकेट का पर्दाफाश होगा और सभी दोषियों को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।