राम मंदिर के बाद अब इस मशहूर शक्तिपीठ से गायब हुआ करोड़ों का सोना-चांदी, पूर्व कर्मचारी के घर से निकला खजाना
देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और वहां के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अयोध्या के भव्य राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों के बाद अब एक और बेहद प्रसिद्ध और आस्था के बड़े केंद्र 'शक्तिपीठ' से करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान गायब होने का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने मंदिर के ही एक पूर्व कर्मचारी के ठिकाने पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। पूर्व कर्मचारी के घर से मिले खजाने को देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।
मंदिर के गर्भगृह और लॉकर से कैसे साफ हुआ करोड़ों का चढ़ावे का सोना
यह पूरा मामला देश के एक बेहद प्रतिष्ठित शक्तिपीठ मंदिर का है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर सोने और चांदी के छत्र, मुकुट और अन्य आभूषण चढ़ाते हैं। ऑडिट के दौरान मंदिर प्रबंधन को यह जानकारी मिली कि रिकॉर्ड बुक में दर्ज कई किलो सोना और चांदी के आभूषण लॉकर से गायब हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मंदिर के इस पूर्व कर्मचारी ने अपनी ड्यूटी के दौरान अंदरूनी सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया। उसने धीरे-धीरे करके गर्भगृह और मुख्य तिजोरी से कीमती आभूषणों को गायब किया और उनकी जगह नकली या कम वजन के आभूषण रख दिए, ताकि किसी को आसानी से शक न हो।
पूर्व कर्मचारी के घर छापेमारी में पुलिस को मिला कुबेर का खजाना
जब मंदिर प्रशासन की शिकायत पर पुलिस की स्पेशल टीम ने आरोपी पूर्व कर्मचारी के घर पर दबिश दी, तो वहां का नजारा किसी फिल्मी कहानी जैसा था। घर के गुप्त तहखानों और अलमारियों से भारी मात्रा में प्राचीन सोने के सिक्के, चांदी के बर्तन, मुकुट और करोड़ों रुपये के आभूषण बरामद किए गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस पूरे खजाने को सील कर दिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय अदालत ने आरोपी को कड़े कानून के तहत रिमांड पर भेज दिया है, ताकि इस पूरे नेक्सस (गिरोह) का पर्दाफाश किया जा सके।
जांच के घेरे में कई बड़े नाम, मंदिर ट्रस्ट की सुरक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद स्थानीय भक्तों और धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतने कड़े पहरे और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद करोड़ों का सोना-चांदी मंदिर परिसर से बाहर कैसे चला गया? पुलिस महानिदेशक के मुताबिक, इस मामले में केवल यह पूर्व कर्मचारी ही अकेला शामिल नहीं हो सकता; मंदिर ट्रस्ट के कुछ अन्य मौजूदा अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, लॉकरों और उसकी संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस चुराए गए सोने का कुछ हिस्सा बाजार में बेचा या पिघलाया भी गया है।