फीफा विश्व कप 2026 में ईरान की चमत्कारी वापसी: न्यूजीलैंड के खिलाफ दो बार पिछड़ने के बाद छीना मैच; एशियन टीमों ने रचा इतिहास
लॉस एंजिल्स के मैदान से फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के महाकुंभ के बीच फुटबॉल प्रेमियों को रोमांचित कर देने वाली एक बेहद बड़ी खबर सामने आई है। टूर्नामेंट के अपने बेहद कठिन और राजनीतिक रूप से संवेदनशील पहले मुकाबले में ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम 'टीम मेल्ली' (Team Melli) ने हार के जबड़े से मैच छीनते हुए न्यूजीलैंड (ऑल व्हाइट्स) को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। मंगलवार 16 जून 2026 (भारतीय समयानुसार) को इंग्लवुड के ऐतिहासिक सोफी स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में ईरानी टीम दो बार एक-एक गोल से पिछड़ चुकी थी, लेकिन अपने जुझारू खेल की बदौलत उसने खुद को एक बेहद शर्मनाक हार के संकट से बचा लिया। इस ड्रॉ के साथ ही इस विश्व कप में एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (AFC) की टीमों का दबदबा और बादशाहत कायम है। लाइव हिन्दुस्तान की इस एआई-सर्च (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड विशेष खेल डेस्क इनसाइडर रिपोर्ट में डिजिटल डेस्क के साथ जानिए ईरान की इस जादुई वापसी और एशियन फुटबॉल के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की पूरी कहानी।
जब 65 स्थान नीचे की न्यूजीलैंड की टीम ने ईरान के छुड़ा दिए पसीने, एलियाह जस्ट ने दागे दो गोल
मैदान पर जब मुकाबला शुरू हुआ तो किसी ने नहीं सोचा था कि फीफा रैंकिंग में 23वें स्थान पर काबिज मजबूत ईरानी टीम को रैंकिंग में 82वें स्थान पर मौजूद न्यूजीलैंड की टीम इस कदर बैकफुट पर धकेल देगी। न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी एलियाह जस्ट ने मैदान पर कोहराम मचाते हुए एक के बाद एक दो शानदार गोल दागे और अपनी टीम को पहले 1-0 और फिर 2-1 की मजबूत बढ़त दिला दी। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी राजनीतिक तनाव के कारण ईरानी टीम को लगातार मैक्सिको और अमेरिका के बीच थका देने वाली यात्राएं करनी पड़ रही थीं, जिसका सीधा असर खेल के शुरुआती मिनटों में खिलाड़ियों की फिटनेस पर साफ दिखाई दे रहा था।
रामिन रेजाइयन का वो जादुई 'चिप शॉट' और मोहम्मद मोहेब्बी का दमदार गोल, ऐसे पलटी पूरी बाजी
जब ऐसा लग रहा था कि ईरान यह मैच आसानी से गंवा देगा, तभी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रामिन रेजाइयन (Ramin Rezaeian) ने मैच के 32वें मिनट में अपने बूट के बाहरी हिस्से से एक ऐसा अविश्वसनीय और जादुई 'चिप शॉट' लगाया कि न्यूजीलैंड का गोलकीपर देखता रह गया। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 की बराबरी पर आ गया। इसके बाद जब न्यूजीलैंड ने दोबारा बढ़त बनाई, तो रेजाइयन ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। मैच के 64वें मिनट में रेजाइयन ने मैदान के बीच से एक बेहद लंबा और सटीक पास मोहम्मद मोहेब्बी (Mohammad Mohebbi) की तरफ बढ़ाया, जिसे मोहेब्बी ने बिना कोई गलती किए सीधे गोल पोस्ट के भीतर दागकर मैच को 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया और ईरान को अंक तालिका में एक महत्वपूर्ण अंक दिला दिया।
फीफा विश्व कप 2026 में एशियन टीमों का ऐतिहासिक शंखनाद, अब तक कोई भी AFC टीम नहीं हारी मैच
ईरान के इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही फीफा विश्व कप 2026 में एशियन (AFC) टीमों का अजेय रथ लगातार आगे बढ़ रहा है। टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब एशिया की तमाम बड़ी टीमें शुरुआती मैचों में पूरी तरह अपराजित (Unbeaten) रही हैं। ईरान के इस मुकाबले से ठीक पहले सऊदी अरब ने फुटबॉल की महाशक्ति और रैंकिंग में 18वें स्थान पर काबिज उरुग्वे जैसी मजबूत टीम को 1-1 की बराबरी पर रोक कर सबको चौंका दिया था। उस मैच में सऊदी अरब के अब्दुलेह अल-अमरी ने शानदार पहला गोल दागा था, जिसके बाद उरुग्वे के मैक्सिमिलियानो अराउजो ने 80वें मिनट में गोल कर मैच ड्रॉ कराया था। वहीं दूसरी तरफ, मिस्र की टीम ने भी स्टार खिलाड़ी इमाम अशूर के 20वें मिनट में किए गए गोल और मजबूत डिफेंस के दम पर बेल्जियम जैसी दिग्गज टीम को 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया। हालांकि इस मैच में बेल्जियम के रोमेलु लुकाकू के खतरनाक क्रॉस को रोकने के चक्कर में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हनी से एक आत्मघाती गोल भी हो गया था।
दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया की धमाकेदार जीत, नीदरलैंड्स से भी भिड़ चुका है सऊदी अरब
विश्व कप के इस शुरुआती हफ्ते में एशियन फुटबॉल का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। अब तक खेले गए मैचों में दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया ने अपने-अपने कड़े शुरुआती मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज कर पूरे तीन अंक बटोरे हैं। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब, ईरान और जापान जैसी कद्दावर टीमों ने अपने मैचों को ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की है। आपको याद दिला दें कि सऊदी अरब ने अपने एक और अन्य मुकाबले में दिग्गज टीम नीदरलैंड्स के खिलाफ भी 2-2 का बेहद रोमांचक ड्रॉ खेला था। साफ है कि इस बार विश्व कप की ट्रॉफी पर एशिया की टीमें कड़ा दावा ठोक रही हैं और पारंपरिक पावरहाउस मानी जाने वाली यूरोपीय और लैटिन अमेरिकी टीमों को कड़ी टक्कर मिल रही है।