सेट को कर्मभूमि मानते हैं संजय सूरी: कभी नहीं पूछते 'पैकअप' का समय, टीवी पर वापसी और करियर के संघर्ष पर खुलकर की बात
बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकार संजय सूरी एक बार फिर पर्दे पर वापसी को तैयार हैं। कलर्स चैनल के नए शो 'जूही मुई' के जरिए संजय सूरी टीवी जगत में कदम रख रहे हैं। इस शो में वह एक ऐसे पिता की संवेदनशील भूमिका निभाते नजर आएंगे, जिसकी बेटी ऑटिस्टिक है। तीन दशक लंबे करियर और पहली फिल्म 'प्यार में कभी कभी' से अब तक के सफर पर चर्चा करते हुए संजय ने कई अनकहे किस्से साझा किए हैं। उनका मानना है कि एक कलाकार के लिए माध्यम से ज्यादा कहानी का महत्व होता है, और यही कारण है कि वे टीवी से लेकर फिल्मों और ओटीटी तक, हर जगह अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
'जूही मुई' क्यों है एक खास प्रोजेक्ट
संजय सूरी के अनुसार, 'जूही मुई' एक सीमित एपिसोड वाला शो है, जिसे उन्होंने समाज में बदलाव लाने के उद्देश्य से चुना है। उनका कहना है कि ऑटिज्म जैसे गंभीर विषयों को मुख्यधारा की फिल्मों में ढालना कठिन होता है, लेकिन टेलीविजन हर घर तक पहुंचता है, इसलिए इस विषय को लोगों के बीच ले जाना जरूरी था। संजय खुद भी दो बेटों के पिता हैं, इसलिए शो में पिता का किरदार निभाते समय उनकी भावनाएं बेहद स्वाभाविक और सच्ची निकलकर सामने आई हैं।
30 साल का सफर: 'इंडस्ट्री में मलाल नहीं, संतुष्टि है'
जब संजय सूरी से पूछा गया कि उन्हें अन्य समकालीन अभिनेताओं की तुलना में कम काम क्यों मिला, तो उन्होंने बेहद परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "यह मेरा चयन नहीं था, यह इंडस्ट्री के काम करने के नजरिए और बदलते दौर का हिस्सा है।" संजय ने बताया कि जब उनकी 'झंकार बीट्स' जैसी फिल्में आईं, तो लोगों ने मान लिया था कि वे केवल इंडिपेंडेट सिनेमा के ही अभिनेता हैं। हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इंतजार करने के बजाय उन्होंने खुद निर्माता बनने का फैसला किया और 'माइ ब्रदर निखिल' तथा 'चौरंगा' जैसी यादगार फिल्मों का निर्माण किया।
'मैं सेट पर कभी नहीं पूछता पैकअप कब होगा'
संजय सूरी का अभिनय के प्रति जुनून आज भी वैसा ही है जैसा 27 साल पहले था। उन्होंने कहा, "जब भी मेरे पास कोई नया रोल आता है, मेरी आंखों में वही चमक आ जाती है जो पहली फिल्म के समय थी।" अपनी कर्मठता का जिक्र करते हुए उन्होंने एक बड़ी बात कही, "मैं सेट पर कभी नहीं पूछता कि पैकअप कब होगा। बहुत से लोग इस जगह पर आने के लिए तरस रहे हैं, जबकि यह तो मेरी कर्मभूमि है।" संजय ने बताया कि वे जल्द ही बतौर निर्माता तीन नई फिल्मों की स्क्रिप्ट पर काम शुरू करने वाले हैं और अभिनय के मोर्चे पर भी उनके दो बड़े ओटीटी शो कतार में हैं। एक कलाकार के तौर पर वे आज भी प्रयोग करने के लिए उतने ही उत्साहित हैं जितने अपने करियर की शुरुआत में थे।