Jr NTR की फिल्म 'गॉड ऑफ वॉर' पर भारी बवाल! भगवान मुरुगन के इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप, क्या तमिलनाडु में लगेगा बैन
टॉलीवुड के 'ग्लोबल स्टार' जूनियर एनटीआर (Jr NTR) और दिग्गज डायरेक्टर त्रिविक्रम श्रीनिवास की बहुप्रतीक्षित तेलुगु फिल्म अपनी शूटिंग शुरू होने से पहले ही एक बड़े राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद में फंस गई है। फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर और उसके साथ लिखे गए कैप्शन ने दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि फिल्म में भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) के इतिहास और उनके जन्मस्थान को लेकर गलत तथ्य पेश किए जा रहे हैं। इसे लेकर 'नाम तमिलर काची' (NTK) के प्रमुख सीमन ने राज्य सरकार से फिल्म पर तुरंत बैन लगाने की कड़ी मांग की है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
इस पूरे बवाल की जड़ फिल्म का वह पहला पोस्टर है, जिसे पिछले महीने प्रोड्यूसर नागा वामसी ने शेयर किया था। इस पोस्टर में एक दिव्य हथियार दिखाया गया था, जो हूबहू भगवान मुरुगन के पवित्र भाले (Vel) जैसा दिखता है। इसके साथ संस्कृत के श्लोक लिखे थे। लेकिन असली विवाद कैप्शन की एक लाइन से शुरू हुआ, जिसमें लिखा था: "उत्तर में जन्म। देश के दिल में निर्माण। दक्षिण में पूजा।"
इस कैप्शन ने तमिलनाडु में तूफान खड़ा कर दिया, क्योंकि तमिल मान्यताओं के अनुसार भगवान मुरुगन को पूरी तरह से 'तमिल देवता' माना जाता है और उनके उत्तर भारत में जन्म लेने की बात को स्थानीय लोग अपने इतिहास और संस्कृति के साथ सीधा खिलवाड़ मान रहे हैं।
NTK प्रमुख सीमन की खुली चेतावनी: 'भुगतने होंगे गंभीर परिणाम'
विवाद के तूल पकड़ते ही NTK चीफ सीमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक बेहद कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने मेकर्स को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छह मुख वाले भगवान मुरुगा पेरुमन के इतिहास के साथ कोई भी छेड़छाड़ की गई, तो इसके बेहद 'गंभीर परिणाम' भुगतने होंगे।
सीमन ने अपने कड़े बयान में मुख्य रूप से तीन बातें रखीं:
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सांस्कृतिक अपमान: रचनात्मकता (Creativity) के नाम पर भगवान मुरुगन को उत्तरी मैदानों में पैदा हुआ दिखाना ऐतिहासिक सच के साथ छेड़छाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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अटूट रिश्ता: अनादि काल से भगवान मुरुगा पेरुमन तमिल संस्कृति और जीवन शैली से जुड़े हैं। तमिल ही मुरुगन हैं और मुरुगन ही तमिल हैं; इन्हें कभी अलग नहीं किया जा सकता।
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काल्पनिक कहानियां बंद हों: कला के नाम पर मनगढ़ंत और काल्पनिक कहानियों को गढ़ने की कोशिशें तुरंत रोकी जाएं।
तमिलनाडु में बैन लगाने की उठी मांग
सीमन ने सिर्फ चेतावनी नहीं दी, बल्कि तमिलनाडु सरकार, थिएटर मालिकों और डिस्ट्रीब्यूटर्स से भी अपील की है कि अगर फिल्म के मेकर्स इन तथ्यों को नहीं बदलते हैं, तो इस फिल्म (चाहे वह तमिल वर्शन हो या तेलुगु) को राज्य में रिलीज न होने दिया जाए। उन्होंने साफ कहा कि यह फिल्म तमिल लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है, जिससे रिलीज के वक्त गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है।
बैकफुट पर आए मेकर्स, बदला गया कैप्शन
भारी राजनीतिक और सांस्कृतिक विरोध को देखते हुए मेकर्स को तुरंत बैकफुट पर आना पड़ा। विवादित पोस्ट के कैप्शन से "उत्तर में जन्म..." वाली लाइन को आनन-फानन में हटा दिया गया। बाद में खुद जूनियर एनटीआर ने इस पोस्टर को एक नए और सुरक्षित कैप्शन के साथ शेयर किया, जिसमें लिखा था— "शिव के पुत्र। पार्वती का गौरव। शाश्वत सेनापति। और, एक बार फिर त्रिविक्रम के साथ।"
क्या है फिल्म का नाम और बैकग्राउंड?
हालांकि, मेकर्स की तरफ से अभी तक फिल्म की कहानी और आधिकारिक टाइटल का पूरा खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन टॉलीवुड गलियारों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हाई-बजट पैन इंडिया फिल्म का नाम 'गॉड ऑफ वॉर' (God of War) हो सकता है, जिसे तमिल में 'पोर कडावुल' कहा जाएगा। अब देखना यह होगा कि कैप्शन बदलने के बाद यह विवाद शांत होता है या रिलीज तक फिल्म को और विरोध का सामना करना पड़ेगा।