CBSE 12th Result: कॉपियों की दोबारा जांच ने बदला भाग्य, री-इवैल्यूएशन के बाद रांची की अवनी केजरीवाल बनीं ऑल इंडिया टॉपर, मिले 100% मार्क्स

CBSE 12th Result: कॉपियों की दोबारा जांच ने बदला भाग्य, री-इवैल्यूएशन के बाद रांची की अवनी केजरीवाल बनीं ऑल इंडिया टॉपर, मिले 100% मार्क्स

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के नतीजे घोषित कर दिए हैं, जिसके साथ ही छात्रों का फाइनल रिजल्ट भी सामने आ गया है। इस बार के नतीजों ने एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली अवनी केजरीवाल ने री-इवैल्यूएशन के बाद ऑल इंडिया स्तर पर टॉप किया है। अवनी ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से पूरे 500 नंबर हासिल कर इतिहास रच दिया है। कॉमर्स स्ट्रीम की छात्रा अवनी इस शानदार स्कोर के साथ न सिर्फ अपने विषय की बल्कि पूरे देश की ओवरऑल टॉपर बन गई हैं। अवनी रांची के प्रतिष्ठित स्कूल डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) की होनहार छात्रा हैं।

कॉपियों की दोबारा जांच में बढ़े पूरे 24 नंबर

अवनी केजरीवाल की ऑल इंडिया टॉपर बनने की यह कहानी बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायी है, क्योंकि मुख्य परीक्षा के नतीजों में वह टॉपर्स की लिस्ट से दूर थीं। सीबीएसई के मुख्य रिजल्ट में अवनी को 95.2 प्रतिशत यानी 476 अंक मिले थे। अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा होने के कारण अवनी इस स्कोर से संतुष्ट नहीं हुईं और उन्होंने बोर्ड के मूल्यांकन को चुनौती देते हुए री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया। जब कॉपियों की दोबारा बारीकी से जांच हुई, तो अवनी के पूरे 24 नंबर बढ़ गए। इस जादुई बढ़ोतरी के बाद उनके अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स, इंग्लिश कोर और एप्लाइड मैथमेटिक्स जैसे सभी मुख्य विषयों में 100 में से पूरे 100 नंबर हो गए।

पसंदीदा विषय इंग्लिश में मिले थे कम नंबर, ऐसे पलटी बाजी

अवनी केजरीवाल को 12वीं के मुख्य रिजल्ट में इंग्लिश कोर में केवल 81 नंबर मिले थे, जबकि इंग्लिश उनका सबसे पसंदीदा सब्जेक्ट रहा है। वहीं बिजनेस स्टडीज में भी उन्हें 95 अंक मिले थे। अवनी को यकीन था कि उनके नंबर कहीं न कहीं काटने में गलती हुई है। री-इवैल्यूएशन के बाद बोर्ड ने अपनी गलती सुधारी और उन्हें इंग्लिश व बिजनेस स्टडीज दोनों में ही 100 में से 100 अंक दिए। इसके अलावा उनके एडिशनल सब्जेक्ट 'ग्राफिक्स' में भी 99 नंबर आए हैं। यह वाकया देश के लाखों स्टूडेंट्स के लिए एक मिसाल है कि अगर आपको अपनी तैयारी और मेहनत पर पूरा भरोसा है, तो अपने हक के लिए कदम जरूर उठाना चाहिए।

साधारण कारोबारी परिवार से है नाता, स्कूल में जश्न का माहौल

सीबीएसई 12वीं की इस नेशनल टॉपर की पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो अवनी एक बेहद संस्कारी और साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता मितेश केजरीवाल रांची के एक बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी मां पूनम केजरीवाल एक हाउसवाइफ हैं। अवनी की इस अभूतपूर्व सफलता पर डीपीएस रांची की प्राचार्या (प्रिंसिपल) डॉ. जया चौहान ने पूरे स्कूल स्टाफ की तरफ से बेहद खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अवनी ने 500 में से 500 नंबर लाकर इतिहास रचा है, जो डीपीएस रांची के लिए अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है। यह सफलता अवनी के असाधारण समर्पण, दिन-रात की पढ़ाई और स्कूल की उत्कृष्ट शिक्षा संस्कृति का एक खूबसूरत परिणाम है।

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