Government Teacher Vacancy Report: देश में कितने सरकारी शिक्षक और कितने पद खाली? यूपी में खाली पदों के आंकड़े जानकर उड़ जाएंगे होश

Government Teacher Vacancy Report: देश में कितने सरकारी शिक्षक और कितने पद खाली? यूपी में खाली पदों के आंकड़े जानकर उड़ जाएंगे होश

देश भर में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने के दावे भले ही किए जाते हों, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी एक बड़ा और गंभीर मुद्दा बनी हुई है। देश भर के सरकारी स्कूलों में लाखों पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण पठन-पाठन का स्तर प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बेसिक शिक्षा विभाग से लेकर माध्यमिक विद्यालयों तक में खाली पदों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो जहां एक तरफ करोड़ों बीटीसी (DElEd), बीएड और टीईटी पास युवा भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्तियों की संख्या लगातार बनी हुई है।

देश भर में कितने सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं?

शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) और यू-डीआईएसई प्लस (UDISE+) की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, देश के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का ढांचा इस प्रकार है:

  • कुल कार्यरत शिक्षक: भारत भर के सरकारी स्कूलों में लगभग 45 से 50 लाख सरकारी शिक्षक वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

  • शिक्षकों की कुल कमी: पूरे देश में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर मिलाकर स्वीकृत पदों में से लगभग 8 लाख से 10 लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।

  • आरटीई मानक (RTE Norms): शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 होना चाहिए, लेकिन कई राज्यों में यह अनुपात 40:1 से भी अधिक है।

अकेले उत्तर प्रदेश (UP) में कितने पद खाली हैं?

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग) में शिक्षकों के खाली पदों का आंकड़ा अभ्यर्थियों के लिए सबसे चिंताजनक विषय बना हुआ है:

  • बेसिक शिक्षा विभाग (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक): उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.26 लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। वर्ष 2018 में आई 69,000 शिक्षक भर्ती के बाद से कोई नई बड़ी सुपर टीईटी (UP STET) भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं हुआ है।

  • माध्यमिक शिक्षा (TGT-PGT): यूपी के अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) और राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) में टीजीटी, पीजीटी और एलटी ग्रेड (LT Grade) शिक्षकों के लगभग 25,000 से 30,000 पद रिक्त हैं।

  • नए शिक्षा सेवा चयन आयोग का इंतजार: यूपी में नया 'उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग' (UP Education Service Selection Commission) गठित होने के बावजूद लंबित भर्तियों और नई विज्ञापनों को लेकर प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।

बिहार और अन्य राज्यों की तुलना में यूपी की स्थिति

जहां पड़ोसी राज्य बिहार ने BPSC के जरिए शिक्षक भर्ती (TRE) के कई चरण आयोजित कर लाखों शिक्षकों की भर्ती की है, वहीं उत्तर प्रदेश में शिक्षक अभ्यार्थी पिछले कई सालों से इको गार्डन लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर नई शिक्षक भर्ती (New Primary Teacher Vacancy) की मांग उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार जल्द ही खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो ग्रामीण अंचलों के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में गिरावट के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं में असंतोष और बढ़ेगा।

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