ED के शिकंजे में फंसे टामन सिंह सोनवानी, 77 लाख की रिश्वत और 7 दिन की रिमांड ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बेहद बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 7 दिनों की कड़े पहरे वाली ईडी रिमांड पर भेज दिया है, जिसके चलते राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से आने वाले दिनों में कई बड़े और चौंकाने वाले नाम सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
रिश्वत के खेल और भाई-भतीजावाद के सनसनीखेज खुलासे
जांच के दौरान ईडी के हाथ ऐसे पुख्ता और अकाट्य सबूत लगे हैं जो इस पूरे भ्रष्टाचार के ताने-बाने को बेनकाब कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार टामन सिंह सोनवानी पर अपने कार्यकाल के दौरान भारी-भरकम घूस लेकर अपने करीबी रिश्तेदारों और अयोग्य उम्मीदवारों को मलाईदार पदों पर चयनित कराने का गंभीर आरोप है। इस पूरी चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है, जिससे जुड़े दस्तावेजों को खंगालने के बाद यह शिकंजा कसा गया है।
7 दिनों की रिमांड में होगी सिंडिकेट के अन्य चेहरों की पहचान
एजेंसी की पूछताछ का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस पूरे घोटाले से जुड़े कई और राज बाहर आने की उम्मीद है। टामन सिंह सोनवानी को सात दिनों की हिरासत में लेकर ईडी के अधिकारी उन तमाम कड़ियों और बिचौलियों की तलाश कर रहे हैं जो इस भ्रष्ट सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।